- उल्हासनगर कोर्ट ने कथित लव जिहाद मामले में आरोपी पति इमरान शेख और उसके दो भाइयों को जमानत दे दी
- बचाव पक्ष ने कोर्ट को बताया कि आठ साल पुरानी शादी और तीन बच्चे होने के कारण लव जिहाद का आरोप निराधार है
- विवाद इमरान शेख की दूसरी शादी के बाद शुरू हुआ, जिससे पहली पत्नी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई
महाराष्ट्र के उल्हासनगर से सामने आए कथित 'लव जिहाद' मामले में कोर्ट की टिप्पणी के बाद नया मोड़ आ गया है. उल्हासनगर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए आरोपी पति इमरान शेख और उसके दो भाइयों को जमानत दे दी.
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट के सामने दलील दी कि जिस शादी को 8 साल हो चुके हैं और जिससे तीन बच्चे हैं, उसे 'लव जिहाद' कैसे कहा जा सकता है. वकील ने 8 साल पुरानी शादी के दस्तावेज और बच्चों के साथ तस्वीरें भी पेश कीं.
कोर्ट ने शादी की अवधि, तीन बच्चों और मामले से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर विचार करने के बाद तीनों आरोपियों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया.
दूसरी शादी के बाद शुरू हुआ विवाद
जांच में सामने आया कि सारा विवाद पति इमरान शेख की दूसरी शादी के बाद शुरू हुआ. जब इसकी भनक उसकी पहली पत्नी को लगी तो दोनों के बीच विवाद बढ़ गया. इसके बाद पत्नी ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई.
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क्या थे पत्नी के आरोप
पीड़ित हिंदू महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी कि इमरान ने खुद को हिंदू बताकर उससे प्रेम संबंध बनाए और फिर शादी कर ली. महिला का आरोप था कि शादी के बाद उसे जबरन बुर्का और हिजाब पहनने के लिए मजबूर किया गया, गोमांस खाने का दबाव बनाया गया और हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं.
सेंट्रल पुलिस ने इस मामले में इमरान शेख समेत कुल 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर तीन को गिरफ्तार किया था.
बचाव पक्ष का तर्क
वकील ने कोर्ट में कहा कि यह आपसी घरेलू विवाद और दूसरी शादी से पैदा हुआ झगड़ा है, न कि लव जिहाद. फिलहाल पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है.
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