TSC women Employee Exposed 'Dark culture': देश नामी सॉफ्टवेयर कंपनी टीसीएस से एक बहुत ही चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. NDTV पर अपनी आपबीती सुनाते हुए टीसीएस (TCS) की एक महिला कर्मचारी ने बताया कि नासिक ट्रांसफर के बाद उनके साथ दफ्तर के भीतर अमानवीय व्यवहार किया गया. महिला ने खुलासा किया कि उन्हें दफ्तर की मुख्य इमारत से अलग टैरेस (छत) पर बिठाकर काम कराया जाता था, जो उन्हें अलग-थलग करने की एक सोची-समझी साजिश लगती थी.
पीड़िता के अनुसार, जब भी वह वॉशरूम या अन्य किसी काम से नीचे आती थीं, तो सुरक्षा या अन्य बहाने से उनका मोबाइल फोन, बैग और सारा निजी सामान जब्त कर लिया जाता था. दफ्तर के भीतर विशेष रूप से 20 से 25 साल की कम उम्र की महिला कर्मचारियों को चिन्हित कर उन्हें मानसिक और पेशेवर रूप से प्रताड़ित करने का पैटर्न सामने आया है.
सदमे में है परिवार
कर्मचारी ने भावुक होते हुए कहा कि वह खुशकिस्मत थीं कि समय रहते इस जाल से निकल गईं, वरना वह भी उसी भयावह शोषण का शिकार हो जातीं, जो अन्य पीड़िताओं के साथ हुआ. इस घटना के सार्वजनिक होने के बाद पीड़िता का परिवार गहरे सदमे और डर में है, जो अब अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर हर पल आशंकित रहते हैं.
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महिला ने सभी कामकाजी महिलाओं से एकजुट होने और दफ्तरों में चल रहे इस 'डार्क कल्चर' के खिलाफ आवाज उठाने की पुरजोर अपील की है. पीड़ित महिला कर्मचारी ने खुलासा किया कि इस बड़े विवाद और जांच के बीच अब सभी कर्मचारियों को "वर्क फ्रॉम होम" दे दिया गया है.
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