- NCP नेता अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा को पार्टी का अगला नेता बनाए जाने की चर्चा चल रही है.
- छगन भुजबल ने विधायक दल के नेता के चुनाव को प्राथमिकता बताते हुए सुनेत्रा पवार के नाम का समर्थन किया है.
- सुनेत्रा पवार पूर्व मंत्री पद्मसिंह पाटिल की बहन और दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी हैं.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता अजित पवार के प्लेन क्रैश में निधन के बाद अब उनके उत्तराधिकारी की तलाश तेज हो गई है. पार्टी के साथ-साथ सरकार में डिप्टी सीएम का पद भी खाली है. अजित पवार के बाद अब एनसीपी की कमान किसके हाथ जाएगी, यह चर्चा महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक हो रही है. अजित पवार के उत्तराधिकारी के लिए दावेदारों में सबसे प्रमुख नाम उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार का हैं. सुनेत्रा पवार इस समय पति को खोने के गम में हैं. लेकिन संकट की इस घड़ी में पार्टी-परिवार के सियासी भविष्य को संभालने के लिए कई नेता सुनेत्रा को कमान दिए जाने की मांग कर रहे हैं.
भुजबल ने बताया- कल बैठक में विधायक दल के नेता का ऐलान
NCP में विधायक दल का नेता किसे चुना जाएगा, ये शनिवार को होने वाली बैठक में तय होगा. इस बैठक से पहले शुक्रवार को NCP के दिग्गज नेता छगन भुजबल ने सुनेत्रा पवार के नाम को लेकर इशारा कर दिया है.
छगन भुजबल ने क्या कुछ कहा?
छगन भुजबल ने कहा, "हमारी प्राथमिकता फिलहाल विधायक दल का नेता चुनना है और उसी दिशा में हमारे प्रयास जारी हैं. अगले एक-दो घंटे में इस पर निर्णय हो जाएगा." उन्होंने आगे कहा कि इसे लेकर मुख्यमंत्री के साथ चर्चा हुई है, उन्होंने कहा है कि आप लोग अंतिम फैसला कर लें, उसके बाद हम प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे. उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं है. भुजबल ने आगे कहा कि कई लोगों की राय है कि सुनेत्रा पवार को यह जिम्मेदारी दी जानी चाहिए. मुझे भी यह लगता है कि ये मांग गलत नहीं है.
पूर्व मंत्री की बहन, दिवंगत डिप्टी सीएम की पत्नी हैं सुनेत्रा
छगन भुजबल का यह हिंट बता रहा है कि सुनेत्रा पवार ही एनसीपी विधायक दल का नेता चुनी जाएगी. एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से आने वाली सुनेत्रा पवार, पूर्व मंत्री पद्मसिंह पाटिल की बहन और दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी हैं. हालांकि वे लंबे समय तक सक्रिय चुनावी राजनीति से दूर रहीं, लेकिन उन्होंने बारामती में सामाजिक कार्यों और महिला सशक्तिकरण के माध्यम से अपनी एक मजबूत जमीन तैयार की.
2010 में EFOI की स्थापना कर पर्यावरण संरक्षण का काम शुरू किया
उन्होंने साल 2010 में एनवायर्नमेंटल फोरम ऑफ इंडिया EFOI की स्थापना की, जिसके जरिए उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और जैविक खेती को बढ़ावा दिया. सक्रिय राजनीति में उनका औपचारिक प्रवेश साल 2024 में हुआ, जब उन्होंने बारामती लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा. हालांकि उस चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन जून 2024 में उन्हें निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुना गया.
वर्तमान में, अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद, वे एनसीपी के नेतृत्व और उनके राजनीतिक उत्तराधिकार को संभालने के लिए एक प्रमुख चेहरे के रूप में उभरी हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अजित दादा के बाद सुनेत्रा पार्टी की कमान संभालने में सबसे उपयुक्त हैं.
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