स्कूल में 'यीशु' के चमत्कार पर नाटक, हिंदू संगठन ने लगाए धर्मांतरण की साजिश का आरोप, बढ़ा बवाल

वसई के एक स्‍कूल में 'यीशु' के चमत्कारों का नाट्यमय प्रदर्शन कराया गया. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद हिंदू संगठनों ने इसे अंधविश्वास फैलाने और धर्मांतरण की साजिश करार दिया है.

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  • महाराष्ट्र के वसई पूर्व स्थित होली फैमिली कॉन्वेंट हाईस्कूल में बच्चों से यीशु के चमत्कारों का नाटक कराया गया.
  • यह घटना 31 दिसंबर 2025 को स्नेह सम्मेलन के दौरान हुई, जिसमें उनके चमत्कार दिखाए गए थे.
  • वीडियो वायरल होने के बाद हिंदू जनजागृति समिति ने इसे अंधविश्वास फैलाने और धर्मांतरण की साजिश बताया.
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महाराष्‍ट्र के पालघर जिले के वसई पूर्व में स्थित होली फैमिली कॉन्वेंट हाईस्कूल विवादों में घिर गया है. आरोप है कि स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से यीशु के चमत्कारों का नाट्यमय प्रदर्शन कराया गया. यह घटना 31 दिसंबर 2025 को स्कूल के स्नेह सम्मेलन के दौरान हुई, जिसमें बच्चों को ‘यीशु के स्पर्श से अंधे का ठीक होना, लंगड़े का चलना' जैसे चमत्कारों का अभिनय कराया गया. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद हिंदू संगठनों ने इसे अंधविश्वास फैलाने और धर्मांतरण की साजिश करार दिया है.

हिंदू जनजागृति समिति ने इस मामले में वसई-विरार पुलिस उपायुक्त, माणिकपुर पुलिस निरीक्षक और परिमंडल-2 के डीसीपी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है. शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और जिला कलेक्टर को भी भेजी गई है.

स्‍कूलों को स्‍पष्‍ट दिशानिर्देश देने की मांग

समिति ने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन महाराष्ट्र जादूटोना निषेध अधिनियम 2013 की धारा 3 के तहत दंडनीय है. समिति ने स्कूल प्रशासन की जांच, प्रधानाध्यापक और संबंधित शिक्षकों के निलंबन, एफआईआर दर्ज करने और सभी स्कूलों के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने की मांग की है.

साथ ही समिति ने अपनी शिकायत में कहा कि स्कूल में अंधविश्वास फैलाकर बच्चों के कोमल मन पर अवैज्ञानिक धारणाएं बैठाई जा रही हैं. इससे विद्यार्थियों का मानसिक विकास प्रभावित होता है.

धर्मांतरण का षड्यंत्र रचने का आरोप 

हिंदू जनजागृति समिति के सुनील घनवट ने कहा, “स्कूल में हिंदू बच्चों के कोमल मन पर झूठे चमत्कार बैठाकर धर्मांतरण का षड्यंत्र रचा जा रहा है. शिक्षा का उद्देश्य विवेक जगाना होना चाहिए, न कि अंधविश्वास फैलाना.”

साथ ही समिति ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की मांग की है.

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