Manisha havaldar pune college principal: NEET पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को एक और बड़ी सफलता मिली है. पुणे से आरोपी मनीषा हवालदार को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी मनीषा पुणे के सेठ हिरालाल सराफ महाविद्यालय में कार्यरत थीं और फिलहाल प्राचार्य पद की जिम्मेदारी संभाल रही थीं.
सबसे पहले जानिए, कौन है आरोपी मनीषा पुणे
जानकारी के अनुसार, मनीषा हवालदार की नियुक्ति साल 1992 में फिजिक्स विषय की प्राध्यापिका के रूप में सेठ हिरालाल सराफ महाविद्यालय में हुई थी. वर्ष 2024 में उसे प्राचार्य बनाया गया था. 58 वर्षीय मनीषा हवालदार 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाली थीं, लेकिन उससे पहले ही उनका नाम देशभर में चर्चित NEET पेपर लीक मामले में सामने आ गया है.
Who is Manisha Havaldar and Her Role in the NEET UG Scam?
NTA ने फिजिक्स विषय की विशेषज्ञ के तौर पर नियुक्त किया
जांच में सामने आया है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने उसे फिजिक्स विषय की विशेषज्ञ के तौर पर नियुक्त किया था. इतना ही नहीं, पेपर सेटिंग के लिए बनाई गई टीम में भी फिजिक्स विषय की प्रमुख जिम्मेदारी सौंपी गई थी. इसी वजह से NEET की भौतिकशास्त्र प्रश्नपत्रिका से जुड़ी संवेदनशील जानकारी आरोपी मनीषा तक पहुंच थी.
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आरोपी प्राचार्य हवालदार ने मनीषा को दी प्रश्नपत्रिका
जांच एजेंसियों का दावा है कि मनीषा हवालदार ने यह प्रश्नपत्रिका मनीषा मंधारे को उपलब्ध कराई थी. इसके चलते एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी थी. NEET पेपर लीक मामले में यह गिरफ्तारी बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि इससे सीधे पेपर सेटिंग प्रक्रिया और अंदरूनी नेटवर्क पर सवाल खड़े हो रहे हैं.














