- नासिक से जोधपुर जा रही निजी स्लीपर बस में 14 वर्षीय रणजीत सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई
- बालक अपने मामा से मिलने खारडा बस स्टैंड पर उतरना था, लेकिन वह बस में बेसुध पाया गया था
- तुरंत रोहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने पर डॉक्टरों ने रणजीत को मृत घोषित कर दिया था
नासिक से जोधपुर मार्ग पर चलने वाली एक निजी स्लीपर कोच बस में एक बेहद ही दुखद और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. बस में सफर कर रहे महज 14 साल के एक बच्चे की अचानक तबीयत बिगड़ने और संभवतः 'साइलेंट हार्ट अटैक' आने से दर्दनाक मौत हो गई. इस असमय और अचानक हुई मौत की खबर से मृतक के परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है.
मामा खड़े थे इंतजार में, भांजे की आ चुकी थी मौत
जानकारी के अनुसार, खारडा का रहने वाला 14 वर्षीय रणजीत सिंह राजपुरोहित नासिक से बस में सवार होकर अपने ननिहाल बगड़िया जाने के लिए निकला था. उसे खारडा बस स्टैंड पर उतरना था, जहां उसके मामा उसे लेने के लिए पहले से ही मुस्तैदी से खड़े होकर इंतजार कर रहे थे.
जैसे ही स्लीपर बस खारडा स्टैंड पर आकर रुकी, तो रणजीत नीचे नहीं उतरा. इस पर बस के कंडक्टर ने उसकी सीट पर जाकर उसे कई बार आवाज लगाई और उठाने की कोशिश की, लेकिन उसके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई. बालक को बेसुध हालत में देखकर बस कर्मियों और वहां मौजूद मामा के होश उड़ गए और उन्हें किसी अनहोनी की आशंका हुई.
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बस कर्मचारी और परिजन बिना समय गंवाए बालक को तुरंत रोहट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे. वहां मौजूद चिकित्सकों ने बालक का गहन परीक्षण किया, लेकिन दुर्भाग्यवश तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं. डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
शुरुआती जांच के आधार पर डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि बालक की मौत अचानक 'साइलेंट अटैक' आने की वजह से हुई है. हालांकि, मौत के सटीक और वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा.
पुलिस ने शव मोर्चरी में रखवाया
इस दुखद हादसे की सूचना मिलते ही रोहट थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर रोहट के राजकीय अस्पताल की मोर्चारी में रखवा दिया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा. इस घटना के बाद से रो-रोकर परिजनों का बुरा हाल है.
-सुभाष रोहिषवाल की रिपोर्ट