नाशिक जल संकट: 180 गांव टैंकरों के भरोसे, जल जीवन मिशन फेल? पेठ तालुका के आदिवासी बूंद‑बूंद को मोहताज

Nashik Water Crisis: नाशिक जिले में भीषण गर्मी के साथ जलसंकट गहराया. 180 गांवों में टैंकरों से पानी, पेठ तालुका के आदिवासी इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित. पढ़िए NDTV की ग्राउंड रिपोर्ट.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
नाशिक में गहराया जलसंकट, पेठ तालुका के आदिवासी बूंद‑बूंद को मोहताज

Nashik Water Crisis: महाराष्ट्र के नाशिक जिले में इस वर्ष भीषण गर्मी ने जनजीवन को झकझोर कर रख दिया है. तापमान बढ़ने के साथ‑साथ जलस्रोतों का सूखना अब लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता बन गया है. जिले के सैकड़ों गांवों में पानी की किल्लत सामने आ रही है, जहां लोगों को बुनियादी जरूरत के लिए भी भारी मशक्कत करनी पड़ रही है. खासकर आदिवासी बहुल पेठ तालुका के गांवों में हालात बेहद गंभीर हो चुके हैं. यहां महिलाओं और बुजुर्गों को हर दिन पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जिससे सरकारी योजनाओं के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं. NDTV के लिए प्रांजल कुलकर्णी की रिपोर्ट.

Nashik Water Crisis: पानी का संकट

180 गांवों की प्यास टैंकरों के भरोसे

लगातार घटते जलस्तर के चलते नासिक जिले के बांधों में पानी चिंता के स्तर तक नीचे चला गया है. प्रशासन को मजबूरन 180 गांवों में पानी की आपूर्ति के लिए टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है. हालांकि, टैंकरों की संख्या और समयबद्ध आपूर्ति ग्रामीणों की जरूरतों के मुकाबले नाकाफी साबित हो रही है.

Nashik Water Crisis: नाशिक जल संकट

पेठ तालुका में हालात सबसे बदतर

आदिवासी बहुल पेठ तालुका के तिरडे गांव की स्थिति बेहद चिंताजनक है. यहां कुओं का जलस्तर पाताल तक चला गया है. महिलाएं और बच्चे चिलचिलाती धूप में सिर पर बर्तन उठाकर कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं.

Nashik Water Crisis: पानी के लिए तरसते लोग

कुओं पर लंबी कतारें, पुरानी पीड़ा फिर उजागर

पानी भरने के लिए कुओं पर सुबह से ही बर्तनों की लंबी कतारें लग जाती हैं. यह दृश्य सालों से चली आ रही पानी की समस्या की कड़वी हकीकत को बयां करता है, जिसे आज तक स्थायी समाधान नहीं मिल पाया है.

Advertisement

जल जीवन मिशन पर उठे सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि ‘जल जीवन मिशन' उनके लिए सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है. योजनाओं के बावजूद घरों तक नल से पानी नहीं पहुंचा, और आज भी मीलों पैदल चलकर पानी लाना उनकी मजबूरी है. लोगों में सरकार और प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी देखी जा रही है, और वे इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं.

यह भी पढ़ें : Water Conservation: जल संकट का देसी फॉर्मूला; कोरिया का 5% मॉडल अब पूरे भारत में लागू होने की तैयारी

Advertisement

यह भी पढ़ें : पालघर में दिल दहला देने वाला सड़क हादसा, दोस्त की मौत के बाद युवक ने की आत्महत्या; देखिए घटना का CCTV वीडियो

यह भी पढ़ें : IPL 2026: किंग कोहली के फैन्स का इंतजार खत्म; रायपुर में RCB के दो मैच, टिकट ऐसे मिलेगी

यह भी पढ़ें : महाराष्ट्र दिवस पर ‘मिसिंग लिंक' का उद्घाटन, मुंबई–पुणे एक्सप्रेस‑वे को मिली नई रफ्तार, बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

Featured Video Of The Day
India-Nepal Border Ground Report: नेपाल के एक फैसले से बिहार के इस मार्केट में छा गया सन्नाटा?