Nashik TCS Case: निदा खान की जमानत पर फैसला 2 मई को, SIT ने किए कई चौंकाने वाले खुलासे

नासिक के बहुचर्चित टीसीएस धर्मांतरण मामले में आरोपी निदा खान की अंतरिम अग्रिम जमानत पर फैसला 2 मई को आएगा. नासिक रोड कोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है. SIT ने जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिनमें पीड़िता को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने, सोशल मीडिया के जरिए धार्मिक शिक्षा देने और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की आशंका शामिल है.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • नासिक रोड कोर्ट ने निदा खान की अंतरिम अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा है.
  • निदा खान ने गर्भवती होने का हवाला देकर जमानत मांगी, जबकि सरकारी पक्ष ने इसका कड़ा विरोध किया.
  • एसआईटी ने आरोप लगाया कि निदा खान ने पीड़िता को बुरखा पहनाकर और धार्मिक किताबें देकर धर्मांतरण कराया.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

Nashik TCS Conversion Case: नासिक के चर्चित टीसीएस में धर्मांतरण मामले में आरोपी निदा खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं. गर्भावस्था का हवाला देकर दाखिल की गई उनकी अंतरिम अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो चुकी है. नासिक रोड कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, जो 2 मई को सुनाया जाएगा. तब तक निदा खान पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी रहेगी. सुनवाई के दौरान एसआईटी ने कई ऐसे तथ्य सामने रखे, जिन्होंने इस मामले की गंभीरता और बढ़ा दी है.

कोर्ट में पूरी हुई सुनवाई, फैसला सुरक्षित

निदा खान की अंतरिम अग्रिम जमानत याचिका पर नासिक रोड कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है. यह सुनवाई न्यायमूर्ति के. जी. जोशी के समक्ष हुई. कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है. अब 2 मई को यह तय होगा कि निदा खान को जमानत मिलेगी या नहीं.

गर्भावस्था का दिया गया हवाला

आरोपी निदा खान ने अपनी याचिका में गर्भवती होने का हवाला देते हुए अंतरिम अग्रिम जमानत की मांग की है. उनकी ओर से वरिष्ठ वकील राहुल कासलीवाल ने कोर्ट में दलीलें पेश कीं और राहत देने की अपील की.

सरकारी पक्ष ने रखा कड़ा विरोध

सरकार की ओर से विशेष सरकारी वकील अजय मिसर ने जमानत का कड़ा विरोध किया. उन्होंने कोर्ट को बताया कि मामला बेहद गंभीर है और जांच अभी अहम चरण में है. इसी कारण इस स्तर पर जमानत देना ठीक नहीं होगा. सुनवाई के दौरान एसआईटी प्रमुख संदीप मिटके भी अदालत में मौजूद रहे.

Advertisement

SIT के चौंकाने वाले खुलासे

एसआईटी और सरकारी पक्ष ने कोर्ट को बताया कि निदा खान और अन्य आरोपियों ने मिलकर पीड़िता को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया. आरोप है कि पीड़िता को बुरखा दिया गया और “मुहम्मद पैगंबर का पवित्र जीवन” जैसी धार्मिक किताबें भी दी गईं.

सोशल मीडिया से दी जा रही थी शिक्षा

जांच में सामने आया है कि निदा खान ने पीड़िता के मोबाइल में इस्लाम से जुड़े ऐप इंस्टॉल किए. इसके अलावा लगातार यूट्यूब, इंस्टाग्राम लिंक और रील्स भेजी जाती थीं, जिनके जरिए पीड़िता को धार्मिक शिक्षा दी जा रही थी. ये लिंक और वीडियो कहां से लाए गए, इसकी जांच अभी चल रही है.

Advertisement

नमाज और बुर्का पहनने की ट्रेनिंग

सरकारी वकील ने बताया कि निदा खान समय-समय पर पीड़िता को अपने घर ले जाती थी. वहां उसे नमाज पढ़ना, हिजाब और बुर्का पहनने की बाकायदा ट्रेनिंग दी जाती थी. यहां तक कि पीड़िता का नाम बदलकर “हनीफ़ा” रखा गया, जिसे कन्वर्ज़न प्रोसेस का हिस्सा बताया गया है.

मालेगांव और मलेशिया कनेक्शन की जांच

एसआईटी ने कोर्ट को यह भी बताया कि आरोपी दानिश शेख ने पीड़िता के शैक्षणिक और अन्य अहम दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए थे. मालेगांव के जरिए नाम बदलने की योजना बनाई गई थी, जिसकी जांच जारी है. इसके साथ ही पीड़िता को मलेशिया में नौकरी दिलाने के नाम पर “इमरान” नाम के व्यक्ति के पास भेजने की भी साजिश बताई गई है. इस अंतरराष्ट्रीय लिंक की गहन जांच चल रही है.

फंडिंग और शरण देने वालों की तलाश

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि निदा खान को इस पूरे मामले में किसी तरह की आर्थिक मदद मिली या नहीं. इसके अलावा, मामला दर्ज होने के बाद उसे किसने शरण दी और वह आगे भी अन्य आरोपियों के संपर्क में थी या नहीं, इन सभी बिंदुओं की जांच चल रही है.

जमानत देने से जांच पर असर का दावा

सरकारी पक्ष ने कोर्ट में यह आशंका भी जताई कि अगर निदा खान को जमानत दी गई, तो अन्य पीड़ित सामने आने से डर सकते हैं. साथ ही गवाहों और पीड़िता पर दबाव डालने की भी आशंका बताई गई. इसी वजह से एसआईटी ने कस्टोडियल पूछताछ को जरूरी बताया है.

Advertisement

ये भी पढ़ें- 

जेल या बेल? निदा खान की अग्रिम जमानत पर फैसला आज, पूरे एक महीने तक पुलिस को छकाती आई है मुख्य आरोपी

TCS धर्मांतरण मामला: निदा खान की अग्रिम जमानत पर 27 अप्रैल को होगा फैसला, जानें कोर्ट में क्या कुछ हुआ

Advertisement
Featured Video Of The Day
बिस्तर के नीचे मौत का तहखाना, मेरठ में पुलिस को घर में मिला 'पाताल लोक'