- नासिक के TCS मामले में आरोपी निदा खान की चार दिनों की पुलिस कस्टडी समाप्त हो रही है
- निदा खान ने पीड़ित युवती का मन बदलने के लिए धार्मिक गतिविधियां और ब्रेनवॉश के प्रयास किए थे
- निदा खान ने पीड़ित को धर्म से जुड़े 171 लिंक भेजे, धर्म की प्रार्थना और पोशाक अपनाने के लिए मजबूर किया
नासिक के चर्चित TCS मामले में आरोपी निदा खान की चार दिनों की पुलिस कस्टडी आज समाप्त हो रही है. इसी के चलते पुलिस उसे आज नाशिक सत्र न्यायालय में पेश करेगी.निदा खान के मोबाइल से भी कई राज खुल सकते हैं. निदा पर आरोप है कि उसने ब्रेनवॉश के लिए 171 धार्मिक लिंक्स भेजे थे. उसपर AIMIM पार्षद मतीन पटेल पर आर्थिक मदद का भी संदेह है.
कस्टडी के दौरान टीसीएस भी गई थी निदा
पुलिस कस्टडी के दौरान जांच टीम निदा खान को उसके घर और TCS कंपनी ले गई थी, जहां घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाने के लिए स्पॉट पंचनामा किया गया.SIT प्रमुख संदीप मिटके ने इस मामले में निदा खान का ऑनलाइन जवाब स्टेटमेंट दर्ज किया है. चार दिन की गहन पूछताछ और जांच के बाद अब यह देखना अहम होगा कि पुलिस आगे की जांच के लिए और कस्टडी की मांग करती है या अदालत उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश देती है.
मन बदलने के लिए करती थी हर धार्मिक जतन
पुलिस जांच में यह बात निकलकर आई है कि आरोपी निदा खान ने पीड़ित युवती का मन परिवर्तन करने धार्मिक रूप से प्रभावित करने के लिए सुनियोजित तरीके से प्रयास किए थे. जांच में सामने आया है कि निदा खान पीड़ित के घर जाकर धार्मिक गतिविधियां और अनुष्ठान करती थी. निदा पर आरोप है कि उसने पीड़ित को अपने धर्म की शिक्षा दी, अपने धर्म की प्रार्थनाएं करवाईं और उसे विशेष धार्मिक पोशाक पहनने के लिए भी मजबूर किया. SIT इस मामले में निदा खान के वित्तीय लेनदेन और अन्य संपर्कों की बारीकी से जांच कर रही है.
धर्म से जुड़ी 171 लिंक
पुलिस को पता चला है कि निदा खान ने पीड़ित को धर्म से जुड़ी 171 अलग-अलग लिंक्स भेजी थीं. इन वीडियो और लिंक्स के माध्यम से उसका ब्रेनवॉश करने की कोशिश की गई. धार्मिक वीडियो और निरंतर दी जा रही शिक्षा के जरिए पीड़ित की विचारधारा और विश्वास को बदलने का प्रयास किया गया. जांच के अनुसार, पीड़ित को आरोपी के धर्म के अनुसार ही प्रार्थना करने और आचरण करने के लिए बाध्य किया गया था.
SIT इन सभी सबूतों और डिजिटल रिकॉर्ड्स के आधार पर निदा खान के खिलाफ कानूनी शिकंजा कस रही है. आज उसकी कोर्ट में पेशी के दौरान इन नए तथ्यों को भी सामने रखा जा सकता है. वहीं, SIT जांच तकनीकी और वित्तीय सबूतों पर केंद्रित हो गई है.पुलिस अब उन 'अदृश्य' मददगारों की तलाश कर रही है जिन्होंने निदा की फरारी के दौरान उसकी मदद की थी.
सामने आ सकते हैं कई बड़े राज
निदा खान का मोबाइल फोन क्लोनिंग के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया गया है.पुलिस को उम्मीद है कि निदा की तरफ से डिलीट किए गए मैसेज, वीडियो और कॉन्टैक्ट नंबर्स को रिकवर करने के बाद कई बड़े राज सामने आएंगे. निदा एक महीने तक कहां-कहां छिपी थी? एसआईटी उसकी लोकेशन हिस्ट्री, कॉल डिटेल्स CDR और यात्रा के विवरण की बारीकी से जांच कर रही है ताकि उसके मददगारों के नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके.
वित्तीय लेनदेन की जांच के लिए एसआईटी ने निदा का बैंक पासबुक जब्त कर लिया है. जांच अधिकारियों ने पहले ही कोर्ट में अंदेशा जताया था कि उसे किसी विशिष्ट समूह से फंडिंग मिल रही है. सूत्रों के अनुसार, पुलिस को संदेह है कि AIMIM पार्षद मतीन मजिद पटेल ने अपने लोगों के जरिए निदा खान को घर चलाने के लिए वित्तीय सहायता मुहैया कराई थी.
निदा और उसके परिवार से इस बारे में कड़ी पूछताछ की जा रही है कि फरारी के दौरान उन्हें किन-किन लोगों ने और किस स्वरूप में मदद पहुंचाई. लैब से मोबाइल रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में कई रसूखदार चेहरों के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है.
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