नासिक के 'भोंदू बाबा' अशोक खरात का एक और भंडाफोड़! कुक के ज़रिए CA ने खोली अय्याशी और फर्जी चमत्कार की पोल

Ashok Kharat Fraud Case: अब तक अशोक खरात के खिलाफ कुल 12 मामले दर्ज हो चुके हैं. इनमें आठ मामले महिलाओं के यौन शोषण से जुड़े हैं, जबकि चार मामले धोखाधड़ी के हैं. फिलहाल खरात पुलिस रिमांड पर है.

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Ashok Kharat Fraud Case: महाराष्ट्र के नासिक के ढोंगी बाबा अशोक खरात की मुश्किलें और बढ़ती दिख रही हैं. इस मामले में उसके कुक ने कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. खरात के सीए (CA) ललित पोफले ने एक कुक उसके घर में एंट्री दिलाई थी और उसका भरोसा जीता था. कुक के रहने के दौरान पोफले ने अशोक खरात के काम करने के तरीके और उसके असली चेहरे को करीब से जाना.

फार्महाउस पर अलग-अलग महिलाओं को लाता था खेरात

जांच में सामने आया है कि खरात अपने फार्महाउस पर अलग-अलग महिलाओं और लड़कियों को लेकर आता था. महिलाओं के आने से पहले वह फार्महाउस के सभी सीसीटीवी कैमरे जानबूझकर बंद करवा देता था. खरात महिलाओं के सामने ही शराब पीता था और नशे की हालत में बिस्तर पर ही पेशाब कर देता था. वह हाथ दिखाकर लोगों को चमत्कार और जादू का झांसा देता था, ताकि उन्हें ठग सके. लोगों को गुमराह करने के लिए वह दावा करता था कि उसके कहने पर नाग प्रकट होते हैं. खुद को दैवीय शक्ति वाला 'सिद्धपुरुष' और अवतार बताकर वह लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहा था.

अशोक खरात ने CA से ठगे 8.76 करोड़

अवतार पूजा और जीवनदान देने के नाम पर उसने कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की है. बीते दिन अशोक खरात के खिलाफ एक और गंभीर मामला दर्ज किया गया है. यह शिकायत पूर्व सहयोगी और चार्टर्ड अकाउंटेंट ने दर्ज कराई है. आरोप है कि माता‑पिता की मृत्यु टालने का झांसा देकर अपने ही करीबी और चार्टर्ड अकाउंटेंट से 8.76 करोड़ रुपये की ठगी की. शिकायतकर्ता सीए ललित पोफले ने आरोप लगाया है कि अशोक खरात ने 'अवतार पूजा' और विशेष अनुष्ठानों के जरिए माता‑पिता की उम्र बढ़ाने और मृत्यु टालने का दावा किया. इसी झांसे में आकर उन्होंने 8.76 करोड़ लाख रुपये अलग‑अलग किस्तों में खरात को दे दिए. ललित पोफले कभी अशोक खरात के बेहद करीबी माने जाते थे, लेकिन सच्चाई सामने आने के बाद उन्होंने ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

कथित भोंदू बाबा अशोक खरात को आज पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद नासिक कोर्ट में पेश किया जाएगा. SIT की टीम जांच को आगे बढ़ाने के लिए कोर्ट से खरात की पुलिस कस्टडी बढ़ाने की मांग कर सकती है. यदि कोर्ट खरात को न्यायिक हिरासत में भेजता है, तो SIT किसी अन्य मामले में उसकी दोबारा कस्टडी लेने की कोशिश कर सकती है. बता दें कि SIT ने यह रिमांड यह जानने के लिए ली थी कि वो नशीली दवाएं कैसे बनाता था और इसके लिए कच्चा माल (द्रव्य) कहां से लाता था.

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