हिंदी Vs मराठी विवाद मुंबई: संजय निरुपम की गाड़ी पर पथराव, MNS कार्यकर्ता बोले-'गो बैक'

मुंबई के दहिसर में संजय निरुपम की गाड़ी पर हमला और मनसे कार्यकर्ताओं का भारी हंगामा. ऑटो चालकों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता के विरोध पर छिड़ा भाषाई संग्राम. जानें क्या है पूरा मामला.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
मुंबई में फिर भड़की भाषाई चिंगारी: संजय निरुपम की गाड़ी पर पथराव, दहिसर में MNS कार्यकर्ताओं का भारी हंगामा
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • संजय निरुपम के ऑटो चालकों से संवाद के दौरान MNS कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया
  • परिवहन मंत्री के आदेश के तहत मीरा-भायंदर क्षेत्र में ऑटो चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य कर दी
  • विरोध के दौरान निरुपम की कार पर पथराव हुआ और पुलिस को भीड़ तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

Hindi vs. Marathi Dispute in Mumbai:  देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक बार फिर 'मराठी बनाम हिंदी' भाषा का विवाद गहरा गया है. मुंबई के दहिसर इलाके में उस समय भारी बवाल हो गया जब शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और पूर्व सांसद संजय निरुपम ऑटो चालकों से संवाद करने पहुंचे थे. वहां पहले से मौजूद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने निरुपम का कड़ा विरोध करते हुए उनकी गाड़ी पर पथराव किया और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

विवाद की जड़: ऑटो चालकों के लिए मराठी की अनिवार्यता

इस पूरे विवाद की शुरुआत शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक और परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के एक आदेश से हुई है. सरनाईक ने निर्देश दिया है कि 1 मई से मुंबई से सटे मीरा-भायंदर क्षेत्र में सभी ऑटो ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा बोलना, लिखना और पढ़ना अनिवार्य होगा. संजय निरुपम ने अपनी ही पार्टी के मंत्री के इस फैसले का विरोध करते हुए इसे 'परप्रांतीय' चालकों के साथ अन्याय बताया है.

Sanjay Nirupam Go Back: पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज

संजय निरुपम जब दहिसर में रिक्शा चालकों से मिलने पहुंचे, तो MNS कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया.

नारेबाजी और हमला: "निरुपम गो बैक" और "एक ही भाषा, मराठी भाषा" के नारों के बीच प्रदर्शनकारियों ने निरुपम की कार के टायर की हवा निकाल दी और वाहन पर पथराव किया.

पुलिस की कार्रवाई: स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा. पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद संजय निरुपम को सुरक्षित मौके से बाहर निकाला.

Advertisement

11 पदाधिकारियों पर FIR, MNS ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए MNS के महासचिव नयन कदम और शहर उपाध्यक्ष कुणाल माईनकर को हिरासत में ले लिया है. कुल 11 पदाधिकारियों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

दूसरी ओर, MNS ने पुलिसिया कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि उनके कार्यकर्ताओं पर दबाव में आकर कार्रवाई की गई, तो पूरी मुंबई में तीव्र आंदोलन किया जाएगा. MNS की मांग है कि पुलिस पहले संजय निरुपम के खिलाफ मामला दर्ज करे, क्योंकि वे सरकारी नियमों का विरोध कर रहे हैं. 

Advertisement

शिवसेना (शिंदे गुट) के भीतर का अंतर्विरोध उजागर

इस घटना ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पार्टी के भीतर चल रहे वैचारिक मतभेद को भी सतह पर ला दिया है. एक ओर मंत्री प्रताप सरनाईक 'मराठी कार्ड' के जरिए स्थानीय अस्मिता पर जोर दे रहे हैं, वहीं संजय निरुपम उत्तर भारतीय और अन्य राज्यों के प्रवासियों के हितों की वकालत कर रहे हैं. फिलहाल दहिसर और आसपास के इलाकों में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है. पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है ताकि अफवाहों को फैलने से रोका जा सके.

संजय न‍िरुपम ने ल‍िखा पत्र 

न्‍यूज एजेंसी IANS से बातचीत में शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम कहते हैं, "सबसे पहले, मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं और मैंने अपने पत्र में भी यह लिखा है कि महाराष्ट्र में मराठी भाषा का सम्मान किया जाना चाहिए। राज्य सरकार का यह आग्रह है कि महाराष्ट्र में रहने वाला हर व्यक्ति मराठी भाषा का सम्मान करे, उसे बोलने में सक्षम हो और उसे समझे। यह बात बिल्कुल सही है; यह सरकार, पार्टी और मेरा अपना निजी मत भी है..."

Featured Video Of The Day
Raghav Chadha Quits AAP: राघव के मुद्दे पर जब बीच डिबेट आपा खो बैठे AAP प्रवक्ता! | Sucherita Kukreti