मुंबई फूड पॉइजनिंग: एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, ‘आधे कटे तरबूज’ से खुलेगा राज

मुंबई के पायधुनी इलाके में संदिग्ध फूड पॉइजनिंग से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत का मामला सामने आया है. बिरयानी खाने के बाद तरबूज खाने से परिवार की तबीयत बिगड़ी और इलाज के दौरान सभी की मौत हो गई. पुलिस ने आधा कटा हुआ तरबूज जांच के लिए लैब भेजा है.

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तरबूज की फोटो प्रतीकात्मक है.

Mumbai Food Poisoning Case Update: मुंबई के पायधुनी इलाके से सामने आई यह घटना हर किसी को झकझोर देने वाली है. एक ही घर में हंसता‑खेलता परिवार कुछ ही घंटों में खत्म हो गया. बताया जा रहा है कि रात में साथ बैठकर खाना खाने के बाद जब परिवार ने तरबूज खाया, तो सबकी तबीयत बिगड़ने लगी. इलाज की कोशिशें हुईं, अस्पताल भी ले जाया गया, लेकिन चारों की जान नहीं बच सकी. अब पुलिस और जांच एजेंसियों की नजर उस आधे कटे तरबूज पर है, जिससे इस रहस्यमय मौत का सच सामने आ सकता है.

यह मामला मुंबई के पायधुनी क्षेत्र का है, जहां रविवार को संदिग्ध फूड पॉइजनिंग के कारण एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई. मृतकों में 40 वर्षीय अब्दुल्ला अब्दुल कादर, उनकी पत्नी नसरीन (35) और दोनों बेटियां आयशा (16) व ज़ैनब (13) शामिल हैं. अचानक हुई इन मौतों से पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल बन गया.

प्रांजल कुलकर्णी की रिपोर्ट...

रिश्तेदारों के साथ हुआ था डिनर

पुलिस के मुताबिक, 25 अप्रैल की रात अब्दुल्ला के घर पर डिनर रखा गया था. रात करीब 10:30 बजे परिवार के चारों सदस्य अपने पांच रिश्तेदारों के साथ खाना खाए थे. सभी ने एक‑सा ही भोजन किया और खाना खत्म होते ही रिश्तेदार अपने‑अपने घर लौट गए. उस वक्त तक किसी को किसी तरह की परेशानी नहीं थी.

रात में तरबूज खाने के बाद बिगड़ी हालत

डिनर के कुछ घंटे बाद, रात करीब 1 से 1:30 बजे के बीच परिवार के चारों सदस्यों ने तरबूज खाया. इसके बाद थोड़ी ही देर में सभी को पेट दर्द, उल्टी और बेचैनी की शिकायत होने लगी. पहले उन्हें पास के फैमिली डॉक्टर को दिखाया गया, लेकिन हालत तेजी से बिगड़ती चली गई.

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अस्पताल पहुंचने पर भी नहीं बची जान

तबीयत ज्यादा खराब होने पर सभी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया. इलाज के दौरान सबसे पहले 13 साल की ज़ैनब की मौत हो गई. इसके बाद आयशा और नसरीन ने भी दम तोड़ दिया. सबसे आखिर में पिता अब्दुल्ला की मौत रात करीब 10:30 बजे हुई. इस तरह कुछ ही घंटों में पूरा परिवार खत्म हो गया.

आधा कटा तरबूज बना अहम सुराग

जेजे मार्ग पुलिस ने घटनास्थल से बरामद आधा कटा हुआ तरबूज जांच के लिए लैब भेज दिया है. पुलिस का मानना है कि इसी तरबूज से मामले की असली सच्चाई सामने आ सकती है. तरबूज की माइक्रोबायोलॉजी और हिस्टोपैथोलॉजी जांच कराई जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि उसमें कोई बैक्टीरिया, ज़हरीला रसायन या मिलावट तो नहीं थी.

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तीन विभाग मिलकर कर रहे जांच

इस मामले की जांच एक साथ तीन अलग‑अलग विभाग कर रहे हैं.

  • FDA यह जांच करेगा कि तरबूज में किसी तरह की मिलावट या बाहरी ज़हरीला पदार्थ तो नहीं था.
  • जेजे अस्पताल का मेडिकल स्टाफ बैक्टीरिया, संक्रमण और शरीर के ऊतकों की जांच कर रहा है.
  • FSL यानी फॉरेंसिक साइंस लैब भोजन के नमूनों और विसरा रिपोर्ट के आधार पर मौत के कारणों का मिलान करेगी.

डॉक्टरों ने जताई दूषित भोजन की आशंका

कामा अस्पताल के डीन डॉ. तुषार पालवे के अनुसार, सिर्फ बिरयानी और तरबूज साथ खाने से मौत होना सामान्य तौर पर संभव नहीं लगता. आशंका जताई जा रही है कि भोजन या फल दूषित हो सकता है. यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि तरबूज को ज्यादा लाल और मीठा दिखाने के लिए उसमें केमिकल का इस्तेमाल किया गया हो, जिसकी पहचान आम तौर पर आसानी से नहीं हो पाती.

लोकल बिजनेसमैन थे अब्दुल्ला

जानकारी के मुताबिक, अब्दुल्ला अब्दुल कादर मुंबई में मोबाइल एक्सेसरीज की दुकान चलाते थे. वे परिवार के साथ पायधुनी इलाके में रहते थे. एक मेहनतकश परिवार का इस तरह अचानक खत्म हो जाना न सिर्फ उनके रिश्तेदारों, बल्कि पूरे मोहल्ले के लिए बड़ा सदमा है.

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