जिंक फास्फाइड ने एसिड के साथ मिलकर बनाई फॉस्फीन गैस, इसी से गई मुंबई के डोकाडिया परिवार की जान

Mumbai Watermelon Case: विशेषज्ञों के अनुसार, तरबूज के जरिए जिंक फॉस्फाइड शरीर के अंदर पहुंचा और उसने पेट में मौजूद एसिड के साथ रासायनिक क्रिया की. इससे जहरीली 'फॉस्फीन गैस' बनी, जिससे डोकाडिया परिवार की तड़प-तड़पकर मौत हो गई.

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Mumbai dokadia family death fsl report phosphine gas zinc phosphide watermelon poisoning.

Mumbai Watermelon Case, Dokadia Family Death FSL Report: मुंबई में 26 अप्रैल को तरबूज खाने से डोकाडिया परिवार के चार लोगों की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. फॉरेंसिक रिपोर्ट में सामने आया है कि परिवार ने जिस तरबूत को खाया, उसमें  'जिंक फास्फाइड' मौजूद था. इससे पेट में जहरीली “फॉस्फीन गैस” बनी, जिसने पूरे परिवार की दर्दनाक तरह से जान ले ली. 

तरबूज में 'जिंक फास्फाइड', पेट में बनी 'फॉस्फीन गैस' 

दरअसल, डोकाडिया परिवार की मौत एक रासायनिक क्रिया के कारण हुई. सूत्रों और फॉरेंसिक रिपोर्ट से सामने आई नई जानकारी के अनुसार, परिवार के सभी सदस्यों की मौत का मुख्य कारण शरीर में 'फॉस्फीन गैस' (Phosphine Gas) बनना पाया गया है. फॉरेंसिक जांच के दौरान मृतकों के शरीर और घर में रखे तरबूज के नमूनों में 'जिंक फास्फाइड' (Zinc Phosphide) पाया गया था. जिंक फॉस्फाइड भी एक अत्यंत घातक और जहरीला तत्व माना जाता है. मुख्य रूप से इसका इस्तेमाल चूहों को मारने वाली दवा बनाने में किया जाता है. 

पेट में मौजूद एसिड के साथ केमिकल रिएक्शन  

विशेषज्ञों के अनुसार, तरबूज के जरिए जिंक फॉस्फाइड शरीर के अंदर पहुंचा तो उसने पेट में मौजूद एसिड के साथ रासायनिक प्रक्रिया (Chemical Reaction) की. इससे शरीर के अंदर बेहद जहरीली 'फॉस्फीन गैस' बनी. यह गैस शरीर की कोशिकाओं और श्वसन तंत्र पर हमला करती है. फॉस्फीन के फेफड़ों में पहुंचने से सांस लेने में तकलीफ होती है, फिर कुछ देर बाद शरीर के अंग काम करना बंद कर देते हैं. आखिर में तड़प-तड़पकर व्यक्ति की मौत हो जाती है. डोकाडिया परिवार के साथ भी ऐसा ही हुआ. 

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जेजे अस्पताल की टीम कर रही रिपोर्ट का अध्ययन 

डोकाडिया परिवार की मौत को लेकर आई रिपोर्ट का जेजे अस्पताल की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL), हिस्टोपैथोलॉजी विभाग, माइक्रोबायोलॉजी विभाग और पुलिस सर्जन मिलकर अध्ययन कर रहे हैं, ताकि चार मौतों को लेकर और भी सटीक जानकारी सामने आ सके.

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क्या है पूरा मामला?

मुंबई के भिंडी बाजार इलाके में रहने वाले डोकाडिया परिवार के 4 सदस्यों की 26 अप्रैल 2026 की रात तरबूज खाने के बाद मौत हो गई थी. इनमें  अब्दुल्ला डोकाडिया (44), पत्नी नसरीन (35) और दो बेटियां आयशा (16) व जैनब (13) शामिल थीं. इससे बाद से पुलिस मामले की जांच कर रही है. 

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(रुत्तिक गनाकवार की रिपोर्ट) 
 

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