- अजित पवार का विमान बारामती में सुबह करीब 8.46 पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें उनकी मौत हो गई.
- हादसे में अजित पवार के साथ उनके सुरक्षा गार्ड, फ्लाइट अटेंडेंट, पायलट और को-पायलट की मौत हो गई थी
- सुनेत्रा पवार को हादसे की खबर मिलने पर पहले विश्वास नहीं हुआ, बाद में वीडियो कॉल में मलबा देखकर टूट गईं
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री (दिवंगत) अजित पवार के विमान हादसे की खबर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. 28 जनवरी, बुधवार को बारामती में हुए इस भीषण हादसे में अजित पवार के साथ उनके सुरक्षा गार्ड विदीप जाधव, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली, पायलट सुमित कपूर और को-पायलट शांभवी पाठक की जान चली गई. लेकिन इस दुखद घड़ी में सबसे विचलित कर देने वाला पल वह था, जब उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को इस अनहोनी की जानकारी मिली.
सुबह 8:46 बजे पर प्लेन हुआ क्रैश
अजित पवार का विमान सुबह 8:50 बजे बारामती हवाई अड्डे पर उतरने वाला था. उनके स्वागत के लिए कार्यालय के कर्मचारी पहले से ही वहां मौजूद थे. सुबह करीब 8:46 बजे कर्मचारियों ने अपनी आंखों के सामने विमान को अनियंत्रित होकर गिरते देखा. एम्बुलेंस के साथ कर्मचारी तुरंत दुर्घटनास्थल की ओर भागे, लेकिन वहां का मंजर देखकर हर कोई सन्न रह गया.
सुनेत्रा पवार को लगा, कोई कर रहा भद्दा मजाक!
जब सुनेत्रा पवार को फोन कर इस हादसे की जानकारी दी गई, तो उन्हें लगा कि कोई उनके साथ भद्दा मजाक कर रहा है. उन्हें इस खबर पर यकीन ही नहीं हो रहा था. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने उन्हें वीडियो कॉल किया. वीडियो कॉल के जरिए जब सुनेत्रा पवार ने बारामती एयरपोर्ट के पास धू-धू कर जलते विमान का मलबा देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. वह दृश्य देखकर वह बुरी तरह टूट गईं और फूट-फूटकर रोने लगीं. घटना के समय वह दिल्ली में थीं, जहां से वह तुरंत बारामती के लिए रवाना हुईं.
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तब दिल्ली में थीं, सुनेत्रा पवार
इस हादसे के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में तेजी से बदलाव आए. 31 जनवरी को सुनेत्रा पवार ने राज्य के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. अपनी जिम्मेदारियों के बीच, 2 फरवरी को वह फलटण तालुका के तरडगाव पहुंचीं. वहां उन्होंने इस हादसे में शहीद हुए सुरक्षा रक्षक विदीप जाधव के परिवार से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया.
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