OBC Reservation: महाराष्ट्र सरकार की OBC कल्याण कैबिनेट उपसमिति ने राज्य के अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) समुदाय के लिए बड़ा फैसला लेते हुए नॉन-क्रीमी लेयर की वार्षिक आय सीमा ₹8 लाख से बढ़ाकर ₹15 लाख करने की सिफारिश की है. इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर राज्य में लाखों OBC परिवारों को आरक्षण और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा.
यह अहम निर्णय राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले (Chandrashekhar Bawankule) की अध्यक्षता में हुई उपसमिति की बैठक में लिया गया. बैठक में वरिष्ठ मंत्री छगन भुजबल ( Chhagan Bhujbal), गणेश नाइक (Ganesh Naik), गुलाबराव पाटिल (Gulabrao Patil), संजय राठौड़ (Sanjay Rathod) और अतुल सावे (Atul Save) समेत कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
क्यों बढ़ाई जा रही आय सीमा ?
दरअसल, वर्तमान में जिन परिवारों की वार्षिक आय ₹8 लाख तक है, उन्हें OBC नॉन-क्रीमी लेयर का लाभ मिलता है. आय सीमा बढ़ाकर ₹15 लाख किए जाने से अधिक संख्या में OBC परिवार शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ ले सकेंगे. सरकार का कहना है कि बढ़ती महंगाई और आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए यह बदलाव जरूरी है.
लाखों परिवारों को मिलेगा फायदा
सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार इससे पहले भी केंद्र सरकार को नॉन-क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भेज चुकी है. अब उपसमिति ने फिर से इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है. माना जा रहा है कि जल्द ही इस विषय पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के साथ विस्तृत चर्चा होगी. अगर, केंद्र सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो महाराष्ट्र में OBC वर्ग के लाखों परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा.
बैठक में इन मामलों पर भी हुई चर्चा
बैठक में जाति वैधता प्रमाणपत्र, OBC छात्रों के लिए छात्रावास, शैक्षणिक सुविधाएं और लंबित मामलों पर भी चर्चा हुई. कुछ सामाजिक संगठनों ने दावा किया कि रिकॉर्ड में स्पेलिंग और तकनीकी त्रुटियों के कारण कई समुदाय सरकारी लाभ से वंचित हैं. सरकार ने इस मुद्दे पर भी सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है.














