Maharashtra MLC Election 2026: महाराष्ट्र विधान परिषद की 17 स्थानीय निकाय सीटों के लिए चल रहे चुनावी ड्रामे का पहला पड़ाव पार हो चुका है. नामांकन वापस लेने के आखिरी दिन (4 जून) राज्य की राजनीति में हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. कहीं रूठों को मनाने में नेता कामयाब रहे, तो कहीं नाम वापस ना लेकर बागीयों ने पूरा गेम ही पलट दिया. इस सियासी उठापटक के बाद 17 में से 6 सीटों पर नतीजे तय हो चुके हैं, जबकि बची हुई 11 सीटों पर महायुति (BJP, शिवसेना, NCP) और महाविकास अघाड़ी (MVA) के बीच अब सीधी और कांटे की टक्कर होने वाली है.
6 सीटों पर महायुति का एकतरफा कब्जा (निर्विरोध विजेता)
प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों द्वारा नामांकन वापस लेने के बाद 6 सीटों पर निर्विरोध जीत पक्की हो गई है. इस शुरुआती लड़ाई में सत्ताधारी महायुति ने बाजी मार ली है. कोंकण, पुणे और ठाणे जैसे मजबूत गढ़ों में महायुति को बड़ी राहत मिली है.
निर्विरोध विजयी हुए उम्मीदवार:
- वर्धा-गढ़चिरौली-चंद्रपुर: अरुण लखानी (बीजेपी)
- पुणे: विक्रम काकड़े (एनसीपी)
- ठाणे: रवींद्र फाटक (शिवसेना)
- रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग: अनिकेत तटकरे (एनसीपी)
- यवतमाल: दुष्यंत चतुर्वेदी (शिवसेना)
- अहिल्यानगर: प्राजक्त तनपुरे (बीजेपी)
कोंकण में हाई-वोल्टेज ड्रामा
रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग निर्वाचन क्षेत्र में सबसे ज्यादा चर्चा बाल माने के नाम वापस लेने की रही. ठाकरे गुट (शिवसेना यूबीटी) के उम्मीदवार बाल माने बीजेपी नेता नितेश राणे के साथ अपना नामांकन वापस लेने सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गए. इस चौंकाने वाले कदम के तुरंत बाद बाल माने को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया, जिससे एनसीपी के अनिकेत तटकरे की निर्विरोध जीत का रास्ता साफ हो गया.
नासिक और पुणे में क्या हुआ?
पुणे में महाविकास अघाड़ी के उम्मीदवार के अचानक पीछे हटने से विक्रम काकड़े निर्विरोध चुन लिए गए. वहीं दूसरी ओर, नासिक में पेंच अब भी फंसा हुआ है. यहां शिवसेना के नरेंद्र दराडे के सामने बीजेपी के बागी गोकुल गीते ने अपनी चुनौती कायम रखी है, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है. नासिक की यह बगावत महायुति के लिए चिंता का विषय बन सकती है.
11 सीटों पर अब आमने-सामने की टक्कर
निर्विरोध सीटों को छोड़कर अब बाकी 11 सीटों पर मतदान होगा. सोलापुर, जलगांव और नागपुर जैसी अहम सीटों पर महायुति और एमवीए के दिग्गज नेता एक-दूसरे के आमने-सामने हैं. कई जगहों पर निर्दलीय और बागी उम्मीदवारों ने मैदान नहीं छोड़ा है, जिससे इन चुनावों में कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी.
प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों के मुख्य मुकाबले:
सोलापुर: राजेंद्र राउत (बीजेपी) बनाम वसंतराव देशमुख (एनसीपी-शरद पवार गुट)
नागपुर: डॉ. राजीव पोतदार (बीजेपी) बनाम अतुल लोंढे (कांग्रेस)
सांगली-सतारा: धैर्यशील कदम (बीजेपी) बनाम अभयसिंह जगताप (एनसीपी-शरद पवार गुट)
नांदेड़: अमर राजुरकर (बीजेपी) बनाम रामदास पाटिल (कांग्रेस)
छत्रपति संभाजीनगर: सुहास शिरसाट (बीजेपी) बनाम गणेश लोखंडे (शिवसेना - यूबीटी)
इस चुनाव के बहाने राज्य के स्थानीय निकायों में दोनों गठबंधनों के संख्याबल की असली परीक्षा होने वाली है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इन नतीजों का राज्य की राजनीति पर बड़ा और दूरगामी असर देखने को मिलेगा.
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