महाराष्ट्र में अजीबोगरीब गठबंधन: कहीं कट्टर विरोधी आए पास, तो कहीं वैचारिक दुश्मनों से हाथ मिलाने की तैयारी!

कल्याण-डोंबिवली में राज ठाकरे की MNS ने एक ऐसा दांव खेला है जिसने उद्धव ठाकरे के खेमे में खलबली मचा दी है. यहां MNS ने स्थानीय स्तर पर एकनाथ शिंदे की शिवसेना को समर्थन देने का फैसला किया, जिसने पूरे राज्य के सियासी समीकरण बदल दिए.

विज्ञापन
Read Time: 5 mins
महाराष्ट्र की राजनीति में ये कमाल का दौर है
NDTV
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • महाराष्ट्र की नगरपालिकाओं में सत्ता के लिए शिवसेना, भाजपा और इस्लाम पार्टी के बीच अप्राकृतिक गठबंधन बन रहे हैं
  • मालेगांव में इस्लाम पार्टी 35 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर शिवसेना से गठबंधन की चर्चाएं चल रही हैं
  • चंद्रपुर नगर निगम में भाजपा और उद्धव ठाकरे की शिवसेना के बीच बहुमत के लिए गुप्त बातचीत की खबरें सामने आई हैं
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
मुंबई:

महाराष्ट्र की राजनीति में इस समय सिद्धांत और विचारधारा जैसे शब्द शब्दकोशों तक सीमित रह गए हैं. सूबे की नगरपालिकाओं और नगर निगमों में सत्ता हथियाने के लिए जो खेल चल रहा है, उसने बड़े-बड़े राजनीतिक पंडितों को भी चकरा दिया है. कहीं हिंदुत्व की बात करने वाली शिवसेना 'इस्लाम पार्टी' के साथ नज़दीकी बढ़ा रही है, तो कहीं धुर विरोधी रही भाजपा और उद्धव गुट के बीच गुपचुप खिचड़ी पक रही है.सत्ता की इस भूख ने महाराष्ट्र में अप्राकृतिक गठबंधनों यानी अनेचुरल अलायंसेज़ की एक नई लहर पैदा कर दी है.

शिंदे के हिंदुत्व संग इस्लाम पार्टी? पर्दे के पीछे का खेल! 

मालेगांव नगर निगम में जो हो रहा है, वह सबसे ज्यादा हैरान करने वाला है. यहाँ 84 सीटों में से 'इस्लाम पार्टी' 35 सीटों के साथ सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरी है. फिलहाल कयास लगाए जा रहे हैं कि इस्लाम पार्टी, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस मिलकर सत्ता पर काबिज होंगे. लेकिन असली कहानी तो पर्दे के पीछे की चर्चाओं ने पैदा की है. खबर है कि एकनाथ शिंदे की शिवसेना और इस्लाम पार्टी के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत चल रही है. अगर ऐसा होता है, तो यह राज्य की राजनीति का सबसे अनोखा और विरोधाभासी गठबंधन होगा.

चंद्रपुर: क्या सत्ता के लिए खत्म होगी BJP-ठाकरे की तकरार!

चंद्रपुर नगर निगम में भी 'अप्राकृतिक गठबंधन' की चर्चाएं जोरों पर हैं. चंद्रपुर में बहुमत का आंकड़ा छूने के लिए भाजपा और उद्धव ठाकरे की शिवसेना के बीच पर्दे के पीछे बातचीत शुरू होने की खबरें हैं. यहाँ कुल 66 सीटों की महापालिका में बहुमत के लिए 34 का जादुई आंकड़ा चाहिए, लेकिन किसी भी एक पार्टी के पास स्पष्ट जनादेश नहीं है. सबसे बड़ी पार्टी के रूप में 30 सीटों के साथ कांग्रेस सत्ता की दहलीज पर खड़ी तो है, लेकिन बहुमत से 4 कदम दूर है. इसी बीच गलियारों में सबसे चौंकाने वाली चर्चा भाजपा और उद्धव ठाकरे की शिवसेना के बीच संभावित सीक्रेट डील को लेकर शुरू हो गई है. अगर 23 सीटों वाली भाजपा और 6 सीटों वाली उद्धव सेना साथ आते हैं, तो यह आंकड़ा 29 तक पहुँचता है, जिसमें शिंदे सेना की 1, वंचित बहुजन अघाड़ी की 2, और निर्दलीयों का समर्थन जोड़कर यह गठबंधन 34 के बहुमत के आंकड़े को छू सकता है. हालांकि, भाजपा और उद्धव गुट के बीच इस गठबंधन की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और यह केवल एक सियासी सुगबुगाहट ही है, लेकिन अगर विचारधारा की दीवारें गिरती हैं और यह बेमेल मेल हकीकत बनता है, तो यह चंद्रपुर ही नहीं बल्कि पूरे महाराष्ट्र की राजनीति का सबसे बड़ा उलटफेर साबित होगा.

अकोला- क्या BJP और उद्धव गुट फिर आएंगे साथ?

अकोला का सियासी समीकरण किसी थ्रिलर फिल्म जैसा हो गया है. यहाँ भाजपा के पास 38 सीटें हैं, जो बहुमत (41) के बेहद करीब है. लेकिन बहुमत के इस छोटे से फासले को पाटने के लिए भाजपा और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (6 सीटें) के बीच बातचीत शुरू होने की खबरें हैं. सालों तक एक-दूसरे पर तीखे हमले करने वाले ये दोनों दल अगर अकोला में हाथ मिलाते हैं, तो राज्य की बड़ी राजनीति में इसके मायने बहुत गहरे होंगे.

कोल्हापुर: कांग्रेस और शिंदे सेना की बढ़ती करीबी!

कोल्हापुर में 81 सीटों का गणित पेचीदा है. यहां कांग्रेस 34 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है. BJP (26), शिवसेना शिंदे (15) और अजीत पवार की एनसीपी (4) मिलकर 'महायुती' की सरकार आसानी से बना सकते हैं. लेकिन सियासत सीधी रेखा में नहीं चलती. सूत्रों के हवाले से खबर है कि कोल्हापुर में कांग्रेस और शिंदे गुट की शिवसेना के बीच स्थानीय स्तर पर गठबंधन की सुगबुगाहट है. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अगर यह गठबंधन होता है, तो यह महायुती के लिए बड़ा झटका साबित होगा.

कल्याण-डोंबिवली KDMC : MNS के दांव से उद्धव की 'मातोश्री' में हलचल

कल्याण-डोंबिवली में राज ठाकरे की MNS ने एक ऐसा दांव खेला है जिसने उद्धव ठाकरे के खेमे में खलबली मचा दी है. यहां MNS ने स्थानीय स्तर पर एकनाथ शिंदे की शिवसेना को समर्थन देने का फैसला किया, जिसने पूरे राज्य के सियासी समीकरण बदल दिए. यहाँ एकनाथ शिंदे ने एक ऐसा चक्रव्यूह रचा है, जिसने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के गढ़ में खलबली मचा दी है. कुल 122 सीटों वाले इस महापालिका में बहुमत के लिए 62 का आंकड़ा चाहिए, जहाँ फिलहाल शिंदे की शिवसेना 53 सीटों के साथ सबसे बड़ी शक्ति है. शिंदे ने ना सिर्फ राज ठाकरे की MNS (5 सीटें) को साथ लिया है, बल्कि पावर गेम की कई कहानियाँ घूम रही हैं!सबसे बड़ा झटका उद्धव ठाकरे को लगा है, क्योंकि उनके 11 नवनिर्वाचित पार्षदों में से 4 पार्षद 'नॉट रिचेबल' बताए जा रहे हैं, जिनके शिंदे गुट में शामिल होने की प्रबल संभावना है. उद्धव इस समीकरण से बेहद नाराज़ बताए जा रहे हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें: मुंबई मेयर की रेस में BJP की इस महिला नेता का नाम आगे, उद्धव का 'ST कार्ड' फेल, BMC की लॉटरी ने पलटी बाजी

यह भी पढ़ें: ये राजनीति है भाई! महाराष्ट्र में गठबंधन का अजब-गजब खेल, दुश्मन भी हाथ मिलाने को तैयार

Featured Video Of The Day
ShankaracharyaSyed Suhail | Mauni Amavasya Controversy: Shankaracharya को बैन कर देंगे Yogi! | Magh Mela 2026
Topics mentioned in this article