महाराष्ट्र विधानसभा बजट सत्र: ड्रग तस्करों पर कड़ा वार, ‘MCOCA’ के तहत संपत्ति जब्त करने का प्रावधान- सीएम फडणवीस

सीएम फडणवीस ने सदन में बताया कि जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल ड्रग्स की बिक्री के लिए ‘मार्केटप्लेस’ के रूप में किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसे प्लेटफॉर्म्स के दुरुपयोग पर नजर रखी जा रही है और साइबर मॉनिटरिंग को और मजबूत किया गया है.

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मुंबई:

महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र में राज्य में बढ़ते नशे के कारोबार का मुद्दा प्रमुखता से उठा. इस पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ड्रग तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और ‘एमसीओसीए' के तहत उनकी संपत्ति जब्त करने का भी प्रावधान है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों को सख्त (एमसीओसीए) के दायरे में लाया गया है. इसके तहत संगठित अपराध की तरह ड्रग नेटवर्क पर कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की कानूनी व्यवस्था भी शामिल है. फडणवीस ने साफ शब्दों में कहा कि ड्रग तस्करों की संपत्ति जब्त करने का प्रावधान एमसीओसीए में है और हम उसका प्रभावी उपयोग कर रहे हैं.

कूरियर सेवाएं भी होंगी सह-आरोपी

मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह भी घोषणा की कि अवैध नशीले पदार्थों की डिलीवरी में शामिल पाई जाने वाली कूरियर सेवाओं को भी सह-आरोपी बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि ड्रग सप्लाई चेन में शामिल हर कड़ी की जिम्मेदारी तय की जाएगी, चाहे वह सप्लायर हो, डीलर हो या डिलीवरी नेटवर्क.

सोशल मीडिया बना ‘मार्केटप्लेस'

सीएम फडणवीस ने सदन में बताया कि जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल ड्रग्स की बिक्री के लिए ‘मार्केटप्लेस' के रूप में किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसे प्लेटफॉर्म्स के दुरुपयोग पर नजर रखी जा रही है और साइबर मॉनिटरिंग को और मजबूत किया गया है.

‘जीरो टॉलरेंस' नीति दोहराई

गृह विभाग का प्रभार भी संभाल रहे मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार नशे के कारोबार के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिलों में ड्रग तस्करी के खिलाफ पुलिस द्वारा लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं.

विधानसभा में उठा सवाल

मुख्यमंत्री यह जवाब राज्य विधानसभा में इन जिलों में ड्रग तस्करी के खिलाफ की जा रही पुलिस कार्रवाई से जुड़े सवाल पर दे रहे थे. उन्होंने बताया कि संगठित गिरोहों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की रणनीति अपनाई गई है.

विपक्ष की नजर, सरकार का सख्त संदेश

बजट सत्र के दौरान इस मुद्दे पर सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया कि ड्रग माफिया और उनके सहयोगियों के खिलाफ कानून का पूरा इस्तेमाल किया जाएगा. संपत्ति जब्ती से लेकर कड़ी सजा तक, हर स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.राजनीतिक रूप से भी यह मुद्दा अहम माना जा रहा है, क्योंकि महानगरों और आसपास के क्षेत्रों में ड्रग्स का बढ़ता जाल लंबे समय से चिंता का विषय बना हुआ है. अब देखना होगा कि एमसीओसीए के तहत की जाने वाली सख्त कार्रवाई का जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव पड़ता है.

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