लाडकी बहिण योजना को बड़ा झटका... अब तक 90 लाख महिलाएं लिस्ट से बाहर, कहीं आपका नाम तो लिस्ट में नहीं शामिल?

महाराष्ट्र की ‘माझी लाडकी बहिण’ योजना में बीड ज़िले की 2.83 लाख महिलाओं को नियमों के उल्लंघन के कारण अपात्र पाया गया. सरकार ने स्पष्ट किया कि योजना बंद नहीं होगी. तकनीकी त्रुटियों वाले आवेदन 31 मार्च 2026 तक सुधारे जा सकेंगे.

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  • महाराष्ट्र सरकार ने माझी लाडकी बहिण योजना में हुई अनियमितताओं को सुधारने के लिए कड़ी जांच शुरू की है.
  • बीड जिले में 2.83 लाख महिलाओं को आयु और आय सीमा नियमों के उल्लंघन के कारण अपात्र पाया गया है.
  • जिन महिलाओं के आवेदन तकनीकी कारणों से खारिज हुए हैं, उन्हें 31 मार्च 2026 तक सुधार का मौका दिया जाएगा.
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मुंबई:

महाराष्ट्र की सबसे महत्वाकांक्षी सामाजिक सुरक्षा योजना, 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना', अब एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल की चपेट में है. राज्य सरकार ने 'डिजिटल शुद्धि' (Digital Purge) अभियान चलाकर करीब 90 लाख महिलाओं का नाम लाभार्थी सूची से काट दिया है. इस बड़ी कटौती के बाद लाभार्थियों की संख्या 2.6 करोड़ से घटकर मात्र 1.53 करोड़ रह गई है, जिससे राज्य भर के लाखों परिवारों में हड़कंप मच गया है.

बीड जिला बना इस 'स्ट्राइक' का केंद्र

इस कटौती का सबसे बड़ा असर बीड़ जिले में देखने को मिला है, जहां एक अकेले ऑडिट में 2.83 लाख महिलाओं को अपात्र घोषित कर दिया गया. सरकार की इस 'प्रिसिजन-टारगेटिंग' रणनीति के तहत आवेदकों के डेटा की जांच सीधे इनकम टैक्स रिकॉर्ड और आरटीओ (RTO) के डेटाबेस से की गई है.

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कौन लोग हुए बाहर?

जिन परिवारों की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक है या जिनके पास चार पहिया वाहन है, उन्हें सूची से बाहर कर दिया गया है. सरकार का दावा है कि इस कदम से राज्य के खजाने में 17,000 करोड़ रुपये की बचत होगी. हालांकि, इस प्रक्रिया में 12,000 से अधिक पुरुष और कई सरकारी कर्मचारियों के फर्जी पंजीकरण भी पकड़े गए हैं, लेकिन इस सख्ती के बीच लाखों असली जरूरतमंद महिलाएं अब कागजी चक्रव्यूह में फंस गई हैं.

कैसे पाएं अपना हक वापस?

लिस्ट से बाहर की गई महिलाओं के लिए दोबारा जुड़ने की राह कठिन है. सरकार ने e-KYC को अनिवार्य कर दिया है, जिसे 'नारी शक्ति दूत' ऐप (Nari Shakti Doot App) या स्थानीय सेवा केंद्रों के माध्यम से पूरा करना होगा.

पुनः पात्रता पाने के लिए क्या करें? 

अंतिम तिथि: अपात्र घोषित की गईं महिलाएं 31 मार्च 2026 तक सुधार कर सकती हैं.

स्टेटस चेक: आधिकारिक पोर्टल ladakibahin.maharashtra.gov.in पर लॉगिन करें और 'Remarks' कॉलम देखें. वहां आपको रिजेक्शन का सटीक कारण (जैसे डॉक्यूमेंट मिसमैच या अधूरी e-KYC) पता चलेगा.

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सुधार प्रक्रिया: यदि रिजेक्शन किसी तकनीकी गलती की वजह से है, तो पोर्टल पर "Edit" फीचर का उपयोग कर अपने आधार कार्ड, राशन कार्ड और बैंक पासबुक की स्पष्ट फोटो दोबारा अपलोड करें.

ऑफलाइन अपील: यदि ऑनलाइन समस्या आ रही है, तो तुरंत अपने नजदीकी सेतु सुविधा केंद्र या स्थानीय अंगनवाड़ी सेविका के पास भौतिक अपील जमा करें.

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बैंक लिंकिंग: यह सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता Aadhaar-seeded (NPCI mapped) है, क्योंकि इसके बिना DBT भुगतान संभव नहीं होगा.

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