- बीएमसी मेयर पद के लिए बीजेपी ने रितु तावड़े को फाइनल उम्मीदवार बनाया है, जो पहली बार मेयर बनेंगी
- बीजेपी को 89 सीटें मिली हैं, जबकि शिंदे गुट की शिवसेना के साथ मिलकर कुल 118 सीटों से बहुमत मिला है
- उप महापौर पद शिवसेना को दिया जा सकता है क्योंकि गठबंधन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है
मुंबई के नए मेयर की तलाश अब खत्म हो गई है. बीएमसी मेयर पद के लिए बीजेपी ने रितु तावड़े का नाम फाइनल कर लिया है. ऐसे में बीएमसी मेयर पर बना हुआ सस्पेंस आज खत्म हो गया है. 40 वर्षों में पहली बार भारतीय जनता पार्टी का बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में मेयर बनने जा रहा है. रितु तावड़े का नाम बीएमसी मुख्यालय में बीजेपी पार्षदों की हुई अंतिम रणनीति बैठक में तय हुआ है. शिवसेना के संजय शंकर घाड़ी को बीएमसी उपमहापौर का उम्मीदवार बनाया गया.
मेयर का उम्मीदवार चुने जाने पर क्यों बोलीं रितु तावड़े
रितु तावड़े ने मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है. नामांकन के लिए बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ 10 पंडितों को भी बुलाया गया था. शंख की आवाज मंत्रोचारण के बीच रितु तावड़े ने नामांकन भरा. नामांकन भरने के बाद महायुति की मेयर पद की उम्मीदवार बीजेपी नेता रितु तावड़े ने कहा, 'मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा है...'
मेयर कैंडिडेट रितु तावड़े
- रितु तावड़े BJP की सीनियर कॉर्पोरेटर हैं.
- वह 2012 में वार्ड नंबर 127 से जीती थीं.
- रितु तावड़े पहली बार 2017 में घाटकोपर के वार्ड नंबर 121 से चुनी गई थीं.
- इसके बाद, रितु तावड़े 2025 के चुनाव में वार्ड नंबर 132 से जीतीं.
- वह मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की एजुकेशन कमिटी की चेयरमैन रह चुकी हैं.
- रितु तावड़े को शुरुआत से मेयर पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा था.
शिवसेना शिंदे गुट का होगा डिप्टी मेयर
बीजेपी की अहम बैठक में रितु तावड़े का नाम फाइनल किया गया. बैठक के दौरान मंत्रोचारण के बीच उनके नाम की घोषणा की गई. इसके साथ ही शिवाजी महाराज की जय के नारे भी लगाए गए. रितु तावड़े घाटकोपर इलाके से 3 बार की पार्षद हैं और अपने मिलनसार व्यवहार के लिए जानी जाती हैं. शिवसेना शिंदे गुट के संजय घाड़ी डिप्टी मेयर होंगे. बैठक में यह फाइनल हो गया है.
पूरी हुई शिवसेना की मांग
शिवसेना शिंदे गुट के संजय घाड़ी डिप्टी मेयर होंगे.बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद, शिवसेना पर भी राजनीतिक निगाहें टिकी थीं, जिसने उप महापौर पद की मांग की थी. सीटों का गणित शिंदे के पक्ष में है. बहुमत के लिए 114 का आंकड़ा चाहिए. बीजेपी के पास 89 सीटें हैं, यानी उसे अभी भी 26 और पार्षदों की जरूरत है, शिंदे की 29 सीटें ने ही बीजेपी को सत्ता की कुर्सी तक पहुंचाया है, इसी वजह से अब उन्हें सत्ता में साझेदारी दी गई है.
किसको मिली हैं कितनी सीटें?
बीएमसी चुनाव परिणामों में बीजेपी ने 89 सीटें जीती हैं. वहीं शिंदे गुट की शिवसेना को 29 सीटें मिली हैं. इस तरह गठबंधन ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. दूसरी तरफ शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने 65 सीटें हासिल की हैं. इसके अलावा मनसे को 6 सीटें और शरद पवार गुट की एनसीपी को 1 सीट मिली है. ऐसे में सत्ता की लड़ाई दिलचस्प होने वाली है.
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क्यों खास है BMC मेयर पद?
बीएमसी देश की सबसे अमीर नगर निगम है, इसलिए इसके मेयर की सियासी अहमियत भी बड़ी है. लंबे समय से इस पद को लेकर सियासी जोड़-तोड़ और रणनीतिक बैठकों का दौर चल रहा था. बीजेपी के मेयर पद के नाम के बाद विपक्षी दलों की रणनीति भी बदलने का अनुमान है. महिला मेयर का दांव बीजेपी के लिए बड़ा राजनीतिक गेमचेंजर साबित हो सकता है. बता दें कि बीएमसी मेयर का आधिकारिक चुनाव 11 फरवरी को दोपहर 12 बजे होगा. चुनाव बीएमसी मुख्यालय में कराया जाएगा. बीजेपी गठबंधन इस चुनाव में मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है.
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