Ashok Kharat Case: महाराष्ट्र के एक स्वयंभू 'धर्मगुरु' व नासिक के ज्योतिषाचार्य अशोक खरात का काला सच अब धीरे-धीरे सामने आ रहा है. खुद को ‘कैप्टन' और महादेव का अवतार बताने वाले अशोक खरात ने आस्था और चमत्कार के नाम पर महिलाओं के यौन शोषण, ब्लैक मैजिक और करोड़ों की अवैध संपत्ति खड़ी करने के आरोपों ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है. अब महाराष्ट्र सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर उसकी कमान तेज तर्रार आईपीएस अधिकारी तेजस्वी सातपुते (IPS Tejaswi Satpute) को सौंपी है. माना जा रहा है कि उनकी अगुवाई में इस हाई-प्रोफाइल केस में बड़े खुलासे हो सकते हैं.
IPS Tejaswi Satpute: आईपीएस तेजस्वी सातपुते कौन हैं
आईपीएस तेजस्वी सातपुते महाराष्ट्र कैडर में साल 2012 बैच की तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी हैं, जिनके पास एक दशक से अधिक पुलिसिंग का अनुभव है. तेजस्वी सातपुते का बचपन में पायलट बनने का सपना था, लेकिन दृष्टिबाधा के कारण यह संभव नहीं हो सका. उनहोंने एलएलबी की पढ़ाई के दौरान UPSC की तैयारी शुरू की. यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा के पहले प्रयास में असफलता के बाद भी हार नहीं मानी और सिविल सेवा परीक्षा 2011 में दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की. उन्होंने इतिहास और मराठी भाषा को अपने ऑप्शनल विषय के रूप में चुना था.
ips tejaswi satpute: ढोंगी ‘कैप्टन' अशोक खरात का काला साम्राज्य बेनकाब! अब तेजस्विनी सातपुते करेंगी SIT जांच की अगुवाई
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होम कैडर महाराष्ट्र में आईपीएस बनने के बाद तेजस्वी सातपुते ने पुणे में DCP ट्रैफिक रहते हुए हेलमेट अभियान को सफल बनाया 20% से बढ़ाकर 80% तक लोगों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित किया. सोलापुर में SP रहते हुए ‘ऑपरेशन परिवर्तन' चलाकर अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई की. महाराष्ट्र पुलिस में IPS तेजस्वी सातपुते की पहचान एक सख्त, ईमानदार और परिणाम देने वाली अधिकारी के रूप में है. यही वजह है कि सरकार ने इस संवेदनशील केस की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है. महाराष्ट्र पुलिस में आईपीएस (IPS) तेजस्वी सातपुते पश्चिमी महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के शेवगांव शहर की रहने वाली हैं.ये शिक्षिका माता और किसान पिता की काबिल बेटी हैं.
Ashok Kharat खुद को मर्चेंट नेवी का पूर्व अधिकारी बताता था और बाद में ‘ढोंगी बाबा' बन गया.
Who is Ashok Kharat: ‘ढोंगी बाबा' अशोक खरात कौन हैं
67 वर्षीय अशोक खरात महाराष्ट्र के नासिक का रहने वाला है. मीडिया की खबरों में दावा किया जाता है कि लगभग 20 साल पहले मर्चेंट नेवी से सेवानिवृत्त होने के बाद, खरात ने ज्योतिषी के रूप में अपना करियर शुरू किया. बाद में ‘ढोंगी बाबा' बन गया. कहता है कि उसे 15 भाषाओं का ज्ञान है. खुद को न्यूमरोलॉजिस्ट (अंकशास्त्री) भी बताता था. हाथ की रेखाएं देखकर लोगों को भविष्य बताने और समस्याओं का समाधान करने का दावा करता है. इस पर ब्लैक मैजिक और अघोरी प्रथाओं का इस्तेमाल करने का भी आरेाप है. उसके दरबार में बड़े नेता, अधिकारी और आम लोग तक पहुंचते थे, जिससे उसका प्रभाव लगातार बढ़ता गया.
अशोक खरात का क्या मामला है?
अशोक खरात पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं, जिनमें महिलाओं का यौन शोषण और दुष्कर्म, ब्लैक मैजिक और जादू-टोना, जबरन वसूली और अवैध संपत्ति (करीब 200 करोड़ रुपये), राजनीतिक और प्रशासनिक संपर्कों का इस्तेमाल शामिल है. जांच के दौरान पुलिस को 50 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं, जिनसे कई पीड़ित महिलाओं की पहचान होने की आशंका है. इसके अलावा, कई बड़े नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें सामने आने से मामला और भी संवेदनशील हो गया है. महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली रूपाली चाकणकर के साथ उसके कथित संबंधों को लेकर भी चर्चा तेज है.
अशोक खरात केस की जांच एसआईटी
अब SIT इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुट गई है. IPS तेजस्वी सातपुते के नेतृत्व में जांच तेज होने के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि इस ‘आस्था के नाम पर बने साम्राज्य' के पीछे छिपे कई बड़े नाम भी सामने आ सकते हैं. पूरे महाराष्ट्र की नजर अब इस केस पर टिकी है, जहां एक तरफ अंधविश्वास और पाखंड का जाल है, वहीं दूसरी तरफ सख्त पुलिस कार्रवाई.
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