Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सियासी टकराव अपने चरम पर पहुंच गया. सत्र के अंतिम प्रश्नकाल के दौरान नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को राहत मिलने को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने आ गए. विपक्षी विधायकों द्वारा सदन में “सत्यमेव जयते” लिखी तख्तियां और स्टीकर पहनकर प्रवेश करने पर सत्तापक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद सदन का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया.
हंगामे के बीच सदन में “सत्यमेव जयते” और “वंदे मातरम” के नारे गूंजने लगे. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि प्रश्नकाल की कार्यवाही पूरी तरह से बाधित हो गई और अंततः इसे स्थगित करना पड़ा. आसंदी ने प्रश्नकाल बाधित होने पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए विपक्ष के आचरण की निंदा की.
इधर, छत्तीसगढ़ विधानसभा में हंगामे के साथ-साथ राजधानी रायपुर की सड़कों पर भी सियासी हलचल देखने को मिली. नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेतृत्व को मिली राहत के बाद कांग्रेस ने शक्ति प्रदर्शन किया. पंडरी इलाके से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय की ओर मार्च करते हुए निकले, लेकिन कलेक्ट्रेट और मेकाहारा चौक के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया.
इस प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. कुछ स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के पोस्टर पर कालिख पोती, जिससे माहौल और गर्मा गया.
मीडिया से बातचीत में भूपेश बघेल ने केंद्रीय एजेंसियों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ईडी और अन्य जांच एजेंसियों का राजनीतिक दुरुपयोग किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाकर विपक्ष को निशाना बनाया जा रहा है. प्रदर्शन को देखते हुए पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए.
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