मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा ने आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाया है. आशुतोष का नाम सामने आते ही सारे सियासी समीकरण बदल गए. भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा जो आए दिन चुनाव लड़ने का दावा कर रहे थे, यहां तक कि वे नामांकन फॉर्म भी खरीद चुके थे. सब कुछ तैयार था, भाजपा हाईकमान की ओर से जारी प्रत्याशी की सूची ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया. भाजपा ने जिन आशुतोष तिवारी को उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया है वे RSS के समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं. साथ ही, शिवराज सिंह चौहान की सरकार में मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. आइए, अब विस्तार से जानते हैं कौन हैं आशुतोष तिवारी?
भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ आशुतोष तिवारी.
जमीनी पकड़, साफ छवि और आरएसएस की पसंद आशुतोष
आशुतोष तिवारी ने पार्टी के लिए जमीन पर उतरकर काफी काम किया है. हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष रहते हुए आशुतोष ने गरीबों के लिए आवास योजना को गति दी और प्रदेशभर में आवासीय योजनाओं को जमीन पर उतारा. माना जा रहा है कि दतिया में आशुतोष की जमीनी पकड़, साफ छवि और आरएसएस की पसंद के चलते ही उन्हें चुनावी मैदान में उतारा गया है.
श्री आशुतोष तिवारी जी को हार्दिक बधाई एवं विजय की अग्रिम शुभकामनाएं।@Ashutosh4BJP https://t.co/38XVkAG9ee
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) July 10, 2026
आशुतोष तिवारी को टिकट देकर भाजपा ने खत्म किया बहारी का मुद्दा
साल 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने दतिया विधानसभा सीट से नरोत्तम मिश्रा को उम्मीदवार बनाया था. नरोत्तम मिश्रा डबरा के रहने वाले हैं, ऐसे में यहां कांग्रेस ने बहारी का दांव चला. चुनाव परिणाम में कांग्रेस के उममीदवार राजेंद्र भारती ने मिश्रा को हरा दिया. लेकिन भाजपा ने इस बार दतिया के ही आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाकर इस मुद्दे को खत्म कर दिया है.
2023 में भी चुनाव लड़ना चाहते थे आशुतोष तिवारी
भाजपा नेताओं के अनुसार, आशुतोष तिवारी साल 2023 में भी विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते थे. उन्होंने सेवढ़ा विधानसभा क्षेत्र से टिकट की मांग की थी, लेकिन कई समीकरणों के चलते उन्हें टिकट नहीं मिल सका था. लेकिन, अब उपचुनाव में पार्टी ने उन्हें मौका दिया है.