- भोपाल में ट्विशा शर्मा केस में आरोपी पति समर्थ को कोर्ट ने सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है.
- समर्थ को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनुदिता गुप्ता की अदालत में कड़ी सुरक्षा के बीच पेश किया गया.
- पुलिस ने रिमांड में आरोपी के कस्टडी में रहने की जरूरत घटनास्थल व साक्ष्य जांच के लिए बताई.
Twisha Sharma Case: भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा केस में कोर्ट ने बड़ा आदेश देते हुए आरोपी पति समर्थ को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. इसके साथ ही अदालत ने समर्थ को अपना पासपोर्ट जमा करने का भी आदेश दिया है, ताकि वह जांच के दौरान देश छोड़कर न जा सके. कड़ी सुरक्षा के बीच हुई इस सुनवाई ने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है.
कोर्ट में भारी भीड़, सुरक्षा के बीच पेशी
समर्थ को कड़ी सुरक्षा के साथ न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनुदिता गुप्ता की अदालत में पेश किया गया. सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में काफी भीड़ मौजूद रही और पुलिस अधिकारी भी पूरी सतर्कता के साथ वहां मौजूद थे. मामला संवेदनशील होने के कारण पूरे परिसर में सख्त निगरानी रखी गई.
पुलिस ने क्यों मांगी रिमांड?
पुलिस ने अदालत में दलील दी कि मामले की तह तक जाने के लिए आरोपी को कस्टडी में लेना जरूरी है. पुलिस का कहना था कि घटनास्थल का दोबारा वेरिफिकेशन करना है, कुछ अहम साक्ष्य जुटाने हैं और विस्तृत बयान भी दर्ज किए जाने हैं. इन सभी कारणों से 7 दिन की रिमांड जरूरी बताई गई.
समर्थ के वकील ने किया विरोध
वहीं समर्थ के वकील ने पुलिस की मांग का विरोध करते हुए कहा कि ज्यादातर जरूरी साक्ष्य पहले ही जब्त किए जा चुके हैं और लंबी रिमांड की कोई आवश्यकता नहीं है. उन्होंने कोर्ट से सिर्फ एक दिन की रिमांड देने की मांग की, लेकिन अदालत ने पुलिस के तर्कों को ज्यादा उचित मानते हुए 7 दिन की रिमांड मंजूर कर दी.
पासपोर्ट जमा करने का आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने समर्थ को अपना पासपोर्ट जमा करने का निर्देश भी दिया है. यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि आरोपी जांच के दौरान कहीं भागने की कोशिश न करे और पुलिस बिना किसी बाधा के जांच पूरी कर सके.
परिजन भी पहुंचे अदालत
सुनवाई के दौरान ट्विशा शर्मा के भाई मेजर हर्षित समेत परिवार के अन्य सदस्य भी कोर्ट पहुंचे. इस केस को लेकर परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है और हर सुनवाई पर नजर बनाए हुए है.
दूसरे पोस्टमॉर्टम की तैयारी तेज
ट्विशा शर्मा केस में दूसरे पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है. दिल्ली AIIMS की विशेष मेडिकल टीम भोपाल पहुंचने वाली है. कोर्ट के निर्देश के अनुसार, मेडिकल बोर्ड का गठन AIIMS दिल्ली के निदेशक की मंजूरी से किया गया है. फॉरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता की अगुआई में चार वरिष्ठ डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड तैयार किया गया है. यह टीम आधुनिक उपकरणों के साथ पोस्टमॉर्टम करेगी, ताकि मौत के कारणों को लेकर कोई भी शक बाकी न रहे.
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