कान्हा और बालाघाट में बाघ व शावक मृत मिले, टाइगर स्टेट MP में जनवरी से अब तक 23 बाघों की मौत

MP Tiger Death: मध्य प्रदेश में बाघों की मौत थम नहीं रही. कान्हा टाइगर रिजर्व में शावक और बालाघाट में वयस्क बाघ मृत मिले. वन्यजीव एक्सपर्ट अपनी चिंता जाहिर कर रहे हैं. पढ़िए पूरी खबर.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
कान्हा टाइगर रिजर्व में मिला बाघ शावक का शव

Tiger Death MP: मध्य प्रदेश में बाघों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. कान्हा टाइगर रिजर्व (KTR) में एक बाघ के शावक और बालाघाट जिले में एक वयस्क बाघ की मौत के बाद राज्य में इस साल जनवरी से अब तक बाघों की मौत का आंकड़ा 23 पर पहुंच गया है. वर्ष 2022 की जनगणना के अनुसार देश में सबसे अधिक 785 बाघों का घर रहा मध्य प्रदेश लगातार बढ़ती मौतों के कारण चिंता के केंद्र में है. वन विभाग की निगरानी, गश्त और संरक्षण व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं.

कान्हा के कोर एरिया में शावक की मौत

कान्हा टाइगर रिजर्व के सरगी क्षेत्र में गुरुवार शाम एक बाघ शावक का शव मिलने से हड़कंप मच गया. केटीआर की उपनिदेशक अमिताबी ने बताया कि शावक की उम्र एक से डेढ़ वर्ष के बीच थी. यह इलाका मंडला और बालाघाट जिलों में फैले कान्हा के कोर क्षेत्र का हिस्सा है. शावक का पोस्टमार्टम शुक्रवार को किया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

भूख से मौत की आशंका

वन विभाग के मुताबिक प्राथमिक जांच में शावक की मौत का कारण भूख लगने की आशंका जताई जा रही है. उपनिदेशक ने बताया कि संभव है शावक को मां ने समय पर भोजन नहीं कराया हो. इसी बाघिन के एक और शावक की तीन दिन पहले मौत हो चुकी है. बाघिन ने कुल चार शावकों को जन्म दिया था, जिनमें से अब दो की मौत हो चुकी है.

Tiger Death MP: मध्य प्रदेश में बाघों की मौत

बाघिन और शेष शावकों पर नजर

अधिकारियों ने कहा कि बाघिन और उसके बचे हुए दो शावकों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. वन अमला उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी और अनहोनी को रोका जा सके. कान्हा जैसे प्रतिष्ठित टाइगर रिजर्व में इस तरह की घटनाएं संरक्षण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं.

Advertisement

बालाघाट में वयस्क बाघ का शव बरामद

इसी बीच बालाघाट जिले के उत्तर वन मंडल क्षेत्र में एक पूर्ण विकसित बाघ का शव भी बरामद किया गया. अधिकारियों ने बताया कि इस बाघ की मौत के कारणों की भी जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी.

जनवरी से अब तक 23 मौतें

नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी के आंकड़ों के अनुसार 21 अप्रैल तक मध्य प्रदेश में 21 बाघों की मौत दर्ज की गई थी. हालिया दो मौतों के साथ यह संख्या 23 हो गई है. इस साल की पहली बाघ मौत 7 जनवरी 2026 को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सामने आई थी. 2 अप्रैल के बाद से ही राज्य में नौ बाघों की मौत हो चुकी है.

Advertisement

वन्यजीव कार्यकर्ता ने जताई चिंता

वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने बढ़ती बाघ मौतों पर गहरी चिंता जाहिर की है. उनका कहना है कि अप्राकृतिक मौतों सहित बाघों की मौत के मामले में मध्य प्रदेश देश में पहले स्थान पर है, जो बेहद चिंताजनक है. उन्होंने निगरानी और गश्त में कमी को ऐसी घटनाओं का बड़ा कारण बताते हुए वन अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की. दुबे ने पन्ना टाइगर रिजर्व का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एक बाघ का कंकाल उसकी मौत के करीब 20 दिन बाद मिला, जो व्यवस्था की गंभीर खामी को दर्शाता है.

यह भी पढ़ें : Tiger Death in MP: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में फिर हुई बाघ की मौत; करंट का जाल, साजिश या शिकार?

यह भी पढ़ें : MP में पोषण अभियान पर उठे सवाल; सतना के नयागांव में कुपोषण का नया कलंक, गंभीर कुपोषित बच्ची का एक कान ही नहीं

यह भी पढ़ें : कर्नाटक CET में ‘जनेऊ विवाद': परीक्षा से पहले पवित्र धागा उतरवाने के आरोप में 3 निजी कॉलेज कर्मी निलंबित

Advertisement

यह भी पढ़ें : MP में गेहूं खरीदी पर कमलनाथ का हमला; किसानों को MSP से लेकर स्लॉट बुकिंग तक, सरकार पर लगाए ये आरोप

Featured Video Of The Day
Raghav Chadha Joins BJP: बीजेपी में क्यों शामिल हुए राघव चड्ढा? अरविंद केजरीवाल ले पाएंगे एक्शन?