MP का शाह परिवार विवादों में; मंत्री जी को सु्प्रीम कोर्ट से फटकार, विधायक जी पार्टी के विचारों से अलग!

MP Politics: विडंबना यह है कि जिस समय एक ओर कुंवर विजय शाह सुप्रीम कोर्ट के दबाव और संभावित कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं, उसी समय उनके भतीजे को पार्टी के भीतर वैचारिक कसौटी पर परखा जा रहा है.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
MP Politics: मप्र का शाह परिवार विवादों में; मंत्री जी को सु्प्रीम कोर्ट से फटकार, विधायक जी खुद की पार्टी के विचारों से अलग

MP Politics: मध्य प्रदेश की राजनीति (MP News) में इस वक्त शाह परिवार (Shah Family) दो अलग-अलग लेकिन उतने ही तीखे विवादों के केंद्र में है. एक ओर राज्य के कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फिर राष्ट्रीय सुर्खियों में हैं, तो दूसरी ओर उनके भतीजे और पहली बार कांग्रेस विधायक बने अभिजीत शाह (Abhijit Shah) मकड़ाई अपनी ही पार्टी के भीतर वैचारिक कटघरे में खड़े कर दिए गए हैं. मुद्दे अलग हैं, लेकिन राजनीतिक उथल-पुथल एक-सी तीव्र.

सुप्रीम कोर्ट से कुंवर विजय शाह को फटकार

कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए “आतंकियों की बहन” वाले बयान पर सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को दो सप्ताह के भीतर कुंवर विजय शाह के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति पर फैसला लेने का निर्देश दिया है. इस आदेश ने न सिर्फ राज्य सरकार की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि विजय शाह के खिलाफ संभावित ट्रायल की राह भी खोल दी है.

MP Politics: हिंदू सम्मेलन में शामिल हुए कांग्रेस विधायक शाह

कांग्रेस विधायक का हिंदू सम्मेलन वाला वीडियो वायरल

इसी बीच शाह परिवार का दूसरा चेहरा टिमरनी से कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह एक बिल्कुल अलग कारण से विवादों में घिर गया है. 31 वर्षीय विधायक ने हरदा जिले के राहतगांव में आयोजित एक हिंदू सम्मेलन में शिरकत की, जो आरएसएस से जुड़े आयोजनों की श्रृंखला का हिस्सा बताया जा रहा है. मंच से “जयतु जयतु हिंदू राष्ट्र” के नारे लगे, साधु-संतों के बीच अभिजीत शाह का सम्मान हुआ और बाद में उन्होंने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा भी किया. मंच के पीछे लिखा था “हिंदू संगठन ही सभी समस्याओं का हल है.”

यही तस्वीरें और संदेश कांग्रेस के भीतर असहजता का कारण बन गए. हरदा जिला कांग्रेस प्रवक्ता आदित्य गर्गव ने पार्टी नेतृत्व को पत्र लिखकर अभिजीत शाह पर कार्रवाई की मांग कर दी. पत्र में सवाल उठाया गया कि कांग्रेस टिकट पर चुना गया विधायक अगर आरएसएस से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेता है, तो क्या वह पार्टी की घोषित विचारधारा को कमजोर नहीं कर रहा. पत्र में यह भी पूछा गया कि अभिजीत शाह गांधी, नेहरू, पटेल और मौलाना आज़ाद की विचारधारा के साथ हैं या फिर आरएसएस की.

विडंबना यह है कि जिस समय एक ओर कुंवर विजय शाह सुप्रीम कोर्ट के दबाव और संभावित कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं, उसी समय उनके भतीजे को पार्टी के भीतर वैचारिक कसौटी पर परखा जा रहा है.

कौन हैं विजय शाह और अभिजित शाह?

अभिजीत शाह मकड़ाई, दिवंगत राजा अजय शाह के बेटे और विजय शाह के भतीजे हैं. 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपने ही चाचा और बीजेपी उम्मीदवार संजय शाह को मात्र 950 वोटों से हराकर राजनीतिक इतिहास रचा था. दिलचस्प तथ्य यह भी है कि 2013 में अभिजीत शाह ने संजय शाह का चुनाव अभियान संभाला था और लंबे समय तक उनका जुड़ाव बीजेपी व आरएसएस से रहा, बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा.

31 वर्ष की उम्र में विधानसभा पहुंचने वाले सबसे युवा विधायकों में शामिल अभिजीत शाह अब महज एक साल के भीतर ऐसे विवाद में फंस गए हैं, जो न सिर्फ उनके राजनीतिक भविष्य की परीक्षा है, बल्कि कांग्रेस नेतृत्व के लिए भी एक कठिन वैचारिक चुनौती बनता दिख रहा है.

Advertisement

यह भी पढ़ें : कर्नल कुरैशी पर‘अमर्यादित' टिप्पणी मामले में सुप्रीम कोर्ट के रुख पर आक्रामक हुई कांग्रेस, मंत्री शाह से मांगा इस्तीफा

यह भी पढ़ें : मामा बने दादा, कार्तिकेय व अमानत के घर आई लाडली लक्ष्मी; शिवराज सिंह चौहान की पोती का ये है नाम

Advertisement

यह भी पढ़ें : जगदगुरु विवाद पर अविमुक्तेश्वरानंद को नहीं मिला रामभद्राचार्य का साथ; कहा- अन्याय नहीं हुआ, खुद तोड़े नियम

यह भी पढ़ें : Magh Mela 2026: "संघ प्रमुख को Z+ सुरक्षा; धर्मगुरु के स्नान पर रोक", शंकराचार्य से बदसलूकी पर भड़की कांग्रेस

Advertisement
Featured Video Of The Day
BMC Election: Owaisi की वायरल गर्ल ने क्या बयान दे दिया?| Sehar Sheikh | Mumbai | NDTV India