21 लाख के इनामी नक्सली कमांडर ने छोड़े हथियार; पुलिस के सामने सरेंडर, IED सहित विस्फोटक सामग्री बरामद

Sukma Naxal Surrender: बस्तर क्षेत्र में हाल के महीनों में सुरक्षाबलों ने कई सफल अभियान चलाए हैं. अधिकारियों का कहना है कि लगातार दबाव और लगातार होने वाली मुठभेड़ों के कारण माओवादी संरचना तेजी से कमजोर हो रही है. बस्तर-मलकानगिरी सीमा क्षेत्र में इस बड़े सरेंडर को नक्सल नेटवर्क पर अहम झटका माना जा रहा है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
Sukma Naxal Surrender: 21 लाख के इनामी नक्सली कमांडर ने छोड़े हथियार; पुलिस के सामने सरेंडर, IED सहित विस्फोटक सामग्री बरामद

Sukma Naxal Surrender: ओडिशा के मलकानगिरी जिले से सटे बस्तर क्षेत्र में नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. बस्तर ज़ोन में वर्षों से सक्रिय रहे एक कुख्यात नक्सली ने मंगलवार को आत्मसमर्पण कर दिया. पुलिस के अनुसार 21 लाख के इनामी कांगेर घाटी LOS कमांडर सुखराम मरकाम ने हथियारों के साथ सरेंडर किया है. वह माओवादी संगठन में एरिया कमेटी मेंबर (ACM) रैंक का कैडर था और लंबे समय से बस्तर–मलकानगिरी क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों को संचालित कर रहा था. पढ़िए सलीम शेख की रिपोर्ट.

Sukma Naxal Surrender: नक्सली सुखराम

SLR राइफल और विस्फोटक सामग्री बरामद

सरेंडर के दौरान सुखराम मरकाम ने अपने पास से SLR राइफल, 12 जिंदा कारतूस, एक IED और अन्य विस्फोटक सामग्री सुरक्षा बलों को सौंप दी. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मरकाम कई नक्सली घटनाओं का मास्टरमाइंड रहा है और संगठन की रणनीतिक बैठकों का हिस्सा भी था. आत्मसमर्पण के दौरान उसने कहा कि वह हिंसा के रास्ते से हटकर लोकतांत्रिक व्यवस्था की मुख्यधारा में शामिल होना चाहता है.

सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव से नक्सली संगठन में बिखराव

बस्तर क्षेत्र में हाल के महीनों में सुरक्षाबलों ने कई सफल अभियान चलाए हैं. अधिकारियों का कहना है कि लगातार दबाव और लगातार होने वाली मुठभेड़ों के कारण माओवादी संरचना तेजी से कमजोर हो रही है. बस्तर–मलकानगिरी सीमा क्षेत्र में इस बड़े सरेंडर को नक्सल नेटवर्क पर अहम झटका माना जा रहा है.

इससे पहले सुकमा में 8 लाख इनामी 4 नक्सलियों ने भी किया था आत्मसमर्पण

इस बड़े सरेंडर से पहले गुरुवार को छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में भी सुरक्षा बलों के सामने चार नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था. इन चारों पर कुल 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था और ये सभी किस्टाराम एरिया कमेटी में सक्रिय सदस्य थे. सरेंडर करने वालों में दो महिला नक्सली भी शामिल थीं. चारों नक्सलियों ने SLR, INSAS, .303 और .315 बोर की ऑटोमेटिक राइफलें व भारी मात्रा में गोला-बारूद जमा कराया था. पुलिस के अनुसार, यह कदम छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर उठाया गया. इनका आत्मसमर्पण माओवादियों के पूना नरमेगाम अभियान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

Sukma Naxal Surrender: बरामद कारतूस

पूछताछ जारी और भी सरेंडर की संभावना

सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि सरेंडर करने वाले सभी माओवादियों से विस्तृत पूछताछ जारी है. हालिया घटनाओं और अंदरूनी मतभेदों के चलते आने वाले समय में और भी नक्सलियों के आत्मसमर्पण की संभावना जताई जा रही है.

यह भी पढ़ें : Barse Deva Surrender: हिड़मा का भरोसा 'टूटा'; नक्सलियों की सबसे खतरनाक टीम का खात्मा, कौन है बारसे देवा? जानिए

Advertisement

यह भी पढ़ें : Gehu Kharidi MP 2026: समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए हो जाएं तैयार; पंजीयन कब, कैसे और कहां करें जानिए

यह भी पढ़ें : Raisen Double Murder Case: युवती की हत्या के बाद ग्रामीणों ने आरोपी का किया ऐसा हाल, डबल मर्डर से तनाव

Advertisement

यह भी पढ़ें : भिंड में बेखौफ़ रेत माफिया कर रहे खुलेआम उत्खनन; शिकायत करने पर मिलती हैं धमकी, दहशत में किसान

Featured Video Of The Day
Ghaziabad Suicide Case: Online Gaming है 3 बहनों के मौत की वजह? एक्सपर्ट से समझिए सुसाइड नोट का सच