रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों का कमाल; प्याज की परतों से प्रेरित होकर बनाया इको फ्रेंडली BRAVE बंकर

Rewa Engineering College BRAVE Bunker: रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने प्याज की परतों से प्रेरित BRAVE नाम का ब्लास्ट रेसिस्टेंट बंकर बनाया, जो इको‑फ्रेंडली वेस्ट मटेरियल से तैयार है.

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Rewa Engineering College BRAVE Bunker: छात्रों का अनोखा नवाचार

Rewa Engineering Students Innovation BRAVE Bunker: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और वैश्विक तनाव के बीच देश की सरहदों को मजबूती देने की दिशा में रीवा इंजीनियरिंग महाविद्यालय (Rewa Engineering College) के सिविल इंजीनियरिंग (Civil Engineering) विभाग के छात्रों ने एक अनोखा और उन्नत नवाचार तैयार किया है. छात्रों ने प्याज की परतों से प्रेरित कई लेयर वाला ब्लास्ट रेसिस्टेंट बंकर विकसित किया है, जिसका नाम BRAVE (Blast Resistant Armor Via Eco Waste) रखा गया है. रीवा से NDTV के लिए जावेद अंसारी की रिपोर्ट.

Rewa Engineering College BRAVE Bunker: अनोखा बंकर

Rewa Engineering College के छात्रों का अनोखा नवाचार; सैनिकों को सुरक्षा देने का दावा

इस बंकर की सबसे खास विशेषता यह है कि युद्ध या ब्लास्ट की स्थिति में इसके अंदर मौजूद सैनिक पूरी तरह सुरक्षित रह सकता है. छात्रों का दावा है कि बंकर के ऊपर यदि मिसाइल भी गिर जाए, तो इसका असर बेहद कम होगा और अंदर मौजूद सैनिकों को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा. बंकर का डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि यह एक के बाद एक लगने वाले तेज झटकों को आसानी से सहन कर सकता है.

Rewa Engineering College BRAVE Bunker: बंकर के बाहर की तस्वीर

Onion Layer Theory पर आधारित BRAVE बंकर

इस बंकर को ऑनियन लेयर थ्योरी, यानी प्याज की परतों के सिद्धांत पर डिजाइन किया गया है. इसमें कई अलग-अलग लेयर बनाई गई हैं, जो ब्लास्ट से उत्पन्न होने वाली ऊर्जा और शॉक वेव को धीरे-धीरे कम कर देती हैं. यही वजह है कि अंदर बैठे सैनिक सुरक्षित रहते हैं और बंकर को नुकसान न के बराबर होता है.

Rewa Engineering College BRAVE Bunker: ब्रेव बंकर

इको-फ्रेंडली वेस्ट मटेरियल से हुआ निर्माण

BRAVE बंकर को पूरी तरह इको-फ्रेंडली वेस्ट मटेरियल से तैयार किया गया है. इसके निर्माण में रेत से भरे बैग, क्रम्ब रबर, रिसाइकल वेस्ट, रेत से भरी प्लास्टिक बोतलें और लेथ मशीन से निकलने वाले स्टील चिप्स वेस्ट का इस्तेमाल किया गया है. इन सभी परतों को अंदर की ओर M30 ग्रेड RCC कंक्रीट की दीवार से मजबूती दी गई है.

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कम लागत में अधिक सुरक्षा, सतत विकास पर भी जोर

इस प्रोजेक्ट की एक और बड़ी खासियत इसकी कम लागत है. वेस्ट मटेरियल के उपयोग से न केवल कंस्ट्रक्शन कॉस्ट कम हुई है, बल्कि सतत विकास (Sustainable Development) के सिद्धांतों को भी अपनाया गया है. यह बंकर कम खर्च में अधिक सुरक्षा देने वाला एक प्रभावी समाधान माना जा रहा है, जो भविष्य में देश की रक्षा प्रणाली को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है.

‘विकसित भारत 2047' और वैश्विक हालात को ध्यान में रखकर तैयार प्रोजेक्ट

इस प्रोजेक्ट का डिजाइन और डेवलपमेंट मौजूदा मध्य एशिया के वैश्विक तनाव और विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर किया गया है. इसका उद्देश्य भारतीय सीमा सुरक्षा बलों को युद्ध, ब्लास्ट और आपात परिस्थितियों में अधिक सुरक्षित बनाना है.

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Rewa Engineering College BRAVE Bunker: बंकर के अंदर की तस्वीर

4 महीने की मेहनत, छात्रों की टीम ने किया कमाल

इस उन्नत नवाचार को सिविल इंजीनियरिंग विभाग के फाइनल ईयर के छात्रों अंश श्रीवास्तव, क्षमा कुशवाहा, अमित पांडे, याचना शुक्ला, सुनिधि सिंह, आंचल मिश्रा और शिवांशी पाण्डेय ने मात्र चार महीनों में तैयार किया है. प्रोजेक्ट को सिविल विभाग के एचओडी और कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आर. पी. तिवारी तथा डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. संदीप पांडेय का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ. कॉलेज में छात्रों और प्राचार्य से बातचीत के दौरान इस नवाचार को देशहित में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया गया, जो आने वाले समय में रक्षा क्षेत्र में उपयोगी साबित हो सकता है.

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