One Stop Center Escape Minor Girl Pregnancy Case: वन स्टॉप सेंटर से फरार हुई नाबालिग बालिकाओं का मामला अब एक नई और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है. बीते 27 अप्रैल की रात फरार तीन नाबालिगों में से एक को पुलिस ने कटनी से सकुशल बरामद कर लिया है. बरामद बालिका गर्भवती है और वह अपने गर्भ में पल रहे शिशु को जन्म देना चाहती है. यह जानकारी सामने आने के बाद बाल कल्याण समिति (CWC) उलझन में पड़ गई है. एक ओर कानून नाबालिग को मां बनने की अनुमति नहीं देता, तो दूसरी ओर बालिका की अपनी इच्छा और भावनाएं सामने हैं.
खिड़की तोड़कर तीन नाबालिग हुई थीं फरार
27 अप्रैल की रात वन स्टॉप सेंटर से तीन नाबालिग बालिकाएं खिड़की तोड़कर फरार हो गई थीं. घटना के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया था. तत्काल अलग‑अलग पुलिस टीमों का गठन कर संभावित ठिकानों पर तलाश शुरू की गई.
कटनी से मिली एक बालिका, दो की तलाश जारी
पुलिस की टीमों को जांच के दौरान बड़ी सफलता मिली जब एक नाबालिग बालिका को कटनी से सुरक्षित बरामद कर लिया गया. दूसरी बालिका की लोकेशन बेला और तीसरी की लोकेशन बनारस के आसपास ट्रेस की गई है. अधिकारियों का कहना है कि दोनों की जल्द सुरक्षित बरामदगी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है.
Crime News: वन स्टॉप सेंटर से फरार नाबालिग
ऐसे सामने आई गर्भावस्था की बात
बरामद बालिका से पुलिस और अधिकारियों ने संवेदनशील तरीके से पूछताछ की, जिसमें एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया. बालिका ने बताया कि वह गर्भवती है और यह गर्भ उसके प्रेम संबंध से ठहरा है. इस मामले में पहले ही परिजनों ने कोलगवां थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध है.
“मैं बच्चे को जन्म देना चाहती हूं”
बालिका का साफ कहना है कि वह अपने गर्भ में पल रहे बच्चे को जन्म देना चाहती है और अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती है. उसने यह भी बताया कि परिजन इस रिश्ते को स्वीकार नहीं कर रहे थे और इसी वजह से उसे वन स्टॉप सेंटर में रखा गया था. बालिका का कहना है कि वह घर लौटना चाहती है, लेकिन बच्चे को भी जन्म देना चाहती है, इसलिए उसने वहां से भागने की योजना बनाई.
बाल कल्याण समिति के सामने कठिन फैसला
गर्भवती नाबालिग की बरामदगी के बाद बाल कल्याण समिति दुविधा में है. कानून के मुताबिक नाबालिग उम्र में बच्चे की जिम्मेदारी सौंपना संभव नहीं है. ऐसे में समिति टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी की संभावना पर विचार कर रही है. हालांकि, बालिका की स्पष्ट इच्छा इसके उलट है, जो समिति के लिए मामला और जटिल बना रही है.
कानून, इच्छा और भविष्य के बीच संतुलन की चुनौती
यह मामला अब सिर्फ फरार नाबालिगों की तलाश तक सीमित नहीं रह गया है. इसमें कानून, सामाजिक दबाव, परिजनों का विरोध और एक नाबालिग की व्यक्तिगत इच्छा आपस में टकरा रहे हैं. बाल संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में काउंसलिंग, कानूनी मार्गदर्शन और मनोवैज्ञानिक सहायता बेहद जरूरी है.
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस का कहना है कि अभी उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता बाकी दो नाबालिग बालिकाओं की सुरक्षित बरामदगी है. इसके साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष और संवेदनशील जांच की जा रही है, ताकि किसी भी स्तर पर बालिकाओं के अधिकार और सुरक्षा से समझौता न हो.
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