गणतंत्र दिवस पर मैहर में दिखा 'गंदा तंत्र'; स्कूली बच्चों को कागज में परोसा गया स्पेशल मिड डे मील

Mid Day Meal Scam: स्कूल के हेडमास्टर और मिड डे मील संचालन से जुड़े स्वयं सहायता समूह की लापरवाही के चलते यह असहज और शर्मनाक स्थिति बनी. हैरानी की बात यह है कि हाल ही में शासन द्वारा छात्र संख्या के अनुपात में थाली खरीदने के लिए राशि भी जारी की गई थी, इसके बावजूद बच्चों को थाली उपलब्ध नहीं कराई गई.

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Mid Day Meal: गणतंत्र दिवस पर मैहर में दिखा 'गंदा तंत्र'; स्कूली बच्चों को कागज में परोसा गया स्पेशल मिड डे मील

Mid Day Meals Scheme Scam: राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर सरकारी स्कूलों में बच्चों को विशेष भोज (Mid Day Meals) देने के निर्देश शासन द्वारा जारी किए गए थे, लेकिन मैहर विकासखंड के भटगवा स्थित शासकीय विद्यालय में जिन परिस्थितियों में विशेष एमडीएम बंटा वह चर्चा का विषय बन गया. विद्यालय के हेडमास्टर और समूह द्वारा बच्चों को भोजन थाली की जगह कागज में परोस दिया गया. भोजन का वीडियो तेजी से वायरल (Viral Video) हो रहा है.वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि स्कूली बच्चों को मिड डे मील थाली में नहीं, बल्कि कागज पर परोसा गया है.

बच्चों को क्यों नहीं मिली प्लेट?

प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 जनवरी को विद्यालय में विशेष भोज का आयोजन किया गया था. लेकिन आवश्यक व्यवस्थाएं न होने के कारण बच्चों को किताबों के पन्ने फाड़कर उन्हीं पर भोजन परोसा गया. यह न केवल स्वच्छता के मानकों का उल्लंघन है, बल्कि बच्चों के अधिकारों का भी सीधा हनन माना जा रहा है. कागज पर भोजन परोसने की यह घटना से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं.

कहां गया थाली खरीदने का पैसा?

स्कूल के हेडमास्टर और मिड डे मील संचालन से जुड़े स्वयं सहायता समूह की लापरवाही के चलते यह असहज और शर्मनाक स्थिति बनी. हैरानी की बात यह है कि हाल ही में शासन द्वारा छात्र संख्या के अनुपात में थाली खरीदने के लिए राशि भी जारी की गई थी, इसके बावजूद बच्चों को थाली उपलब्ध नहीं कराई गई. अब सवाल उठता है कि आखिर बच्चों की थाली कहां है क्या उस राशि का बंदरबांट कर लिया गया.

क्या कार्यवाई होगी?

गणतंत्र दिवस जैसे अवसर पर जहां बच्चों को सम्मान और बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए थीं, वहीं इस घटना ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है. वीडियो वायरल होने के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है. लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल देखना दिलचस्प होगा कि क्या विभाग इस कोई कार्यवाही करेगा.

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