MP के कान्हा नेशनल पार्क में फिर मृत मिला तेंदुआ; एक्सपर्ट्स ने बताया इस वजह से हो सकती है मौत

Leopard Dead Kanha Tiger Reserve Mandla: घटना के बाद मोची दादर क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है, कैमरा ट्रैप की संख्या भी बढ़ाई जा रही है, और क्षेत्रीय वन्यजीव गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. वन विभाग का कहना है कि यह प्राकृतिक संघर्ष प्रतीत होता है, लेकिन सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है.

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Leopard Dead Kanha Tiger Reserve Mandla: MP के कान्हा नेशनल पार्क में फिर मृत मिला तेंदुआ; एक्सपर्ट्स ने बताया इस वजह से हो सकती है मौत

Kanha Tiger Reserve Mandla Leopard Dead: कान्हा टाइगर रिज़र्व (Kanha Tiger Reserve) के किसली ज़ोन में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब वन विभाग (Forest Department) की गश्ती टीम को मोची दादर बीट के कक्ष क्रमांक 6 में एक नर तेंदुए का शव (Male Leopard Death) मिला. अनुमान है कि मृत तेंदुए की उम्र 10 से 12 वर्ष के बीच रही होगी. वन विभाग को शव मिलने की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी और चिकित्सा टीम मौके पर पहुँची.

‘टेरिटोरियल फाइट' में मौत की आशंका

तेंदुए का पोस्टमॉर्टम कराया गया, जिसमें उसके सिर पर टाइगर के दाँतों के गहरे निशान पाए गए. विशेषज्ञों के मुताबिक यह संकेत है कि तेंदुए और बाघ के बीच टेरिटोरियल फाइट, यानी क्षेत्रीय संघर्ष हुआ होगा. जंगलों में अक्सर बाघ अपने इलाके की रक्षा करते हुए दूसरे मांसाहारी प्राणियों से भिड़ जाते हैं. प्रारंभिक जांच में भी इसी कारण मृत्यु की संभावना जताई गई है.

घटनास्थल के पास कैमरा ट्रैप, बाघ की गतिविधि रिकॉर्ड तेंदुए के शव के पास ही वन विभाग ने तुरंत कैमरा ट्रैप लगाया. फुटेज में एक बाघ को काफी देर तक तेंदुए के शव के आसपास घूमते देखा गया.

हालांकि महत्वपूर्ण बात यह रही कि बाघ ने शव को खाया नहीं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि घटना शिकार नहीं बल्कि संघर्ष की वजह से हुई.

प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार

घटनास्थल पर वन विभाग, डॉक्टरों और NTCA (नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरिटी) के प्रतिनिधियों ने मिलकर पूरे प्रोटोकॉल का पालन किया. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और प्राथमिक जांच के बाद तेंदुए का अंतिम संस्कार नियमों के अनुसार किया गया.

जांच जारी, निगरानी बढ़ाई गई

घटना के बाद मोची दादर क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है, कैमरा ट्रैप की संख्या भी बढ़ाई जा रही है, और क्षेत्रीय वन्यजीव गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. वन विभाग का कहना है कि यह प्राकृतिक संघर्ष प्रतीत होता है, लेकिन सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है.

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इससे भी मृत मिला था तेंदुआ

कान्हा बाघ अभयारण्य में 15 जनवरी 2026 को एक मादा तेंदुए मृत मिला था. अधिकारी ने बताया था कि प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि किसी बाघ के हमले में तेंदुए की मौत हुई है क्योंकि मृतक वन्य जीव के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं.
 

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कान्हा बाघ अभयारण्य के क्षेत्रीय निदेशक रविंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया था कि किसली वन परिक्षेत्र के साजानाला क्षेत्र में आने वाले डिगडोला बीट में वनकर्मियों ने सबसे पहले मृत तेंदुए को देखा. उन्होंने बताया कि आसपास बाघ के पदचिह्न और घसीटने के निशान भी पाए गए हैं, जिससे अनुमान लगाया जा सकता है कि तेंदुए की मौत वन्यजीव द्वंद्व का नतीजा है.

त्रिपाठी ने कहा कि घटनास्थल को सुरक्षित किया गया है और श्वान दस्ते की सहायता से आसपास छानबीन की जा रही है. उन्होंने कहा कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में तेंदुए का अंतिम संस्कार किया गया. अधिकारी ने बताया कि मृत तेंदुए के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं और उसके शरीर पर बाघ के दांत और चेहरे के पास खून के निशान पाए गए हैं.

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