Jabalpur Pantaloons Controversy: जबलपुर में पेंटालून्स शोरूम को लेकर धार्मिक आस्था और कार्यस्थल आचरण से जुड़ा विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. हिंदूवादी संगठनों ने आरोप लगाया है कि शोरूम प्रबंधन कर्मचारियों को टीका लगाने और कलावा बांधने से रोकता है, जिसे वे धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन बता रहे हैं. इसी मुद्दे को लेकर गुरुवार को एक बार फिर प्रदर्शन हुआ, जहां कार्यकर्ताओं ने शोरूम के भीतर जाकर कर्मचारियों को टीका लगाया और कलावा बांधा. दूसरी ओर, शोरूम प्रबंधन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे ड्रेस कोड और प्रोफेशनल आचरण से जुड़ा मामला बताया है. पुलिस की मौजूदगी में हुए इस घटनाक्रम ने प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं.
पेंटालून्स शोरूम के बाहर फिर हुआ प्रदर्शन
विवाद की शुरुआत के बाद बुधवार को विश्व हिंदू महासंघ के कार्यकर्ताओं ने पेंटालून्स शोरूम के बाहर प्रदर्शन किया. कार्यकर्ताओं का आरोप है कि शोरूम में काम करने वाले कर्मचारियों को धार्मिक प्रतीक पहनने से रोका जाता है, जो उनकी आस्था पर सीधा हमला है. संगठन का कहना है कि किसी भी कर्मचारी को उसके धर्म से जुड़े प्रतीकों को धारण करने से रोका जाना अस्वीकार्य है.
Tilak Kalava Row: जबलपुर के पेंटालून्स शोरूम में विरोध प्रदर्शन
कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों को लगाया टीका, बांधा कलावा
प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब विश्व हिंदू महासंघ के कार्यकर्ता शोरूम के भीतर पहुंचे. उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों को टीका लगाया और कलावा बांधा. कार्यकर्ताओं का कहना था कि यह कदम धार्मिक आस्था की रक्षा के लिए उठाया गया है और यदि भविष्य में भी इस तरह की रोक की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
शोरूम प्रबंधन ने आरोपों को बताया गलत
वहीं पेंटालून्स शोरूम के मैनेजर नितिन ने सभी आरोपों को निराधार बताया है. उनका कहना है कि शोरूम में किसी भी धर्म विशेष के प्रतीकों पर रोक नहीं है. कर्मचारियों को केवल एक समान ड्रेस कोड और प्रोफेशनल लुक बनाए रखने के लिए कहा जाता है. नितिन ने यह भी दावा किया कि हाल ही में एक कर्मचारी ने इसी बात को गलत तरीके से समझकर दो दिन के भीतर नौकरी छोड़ दी थी, जिसके बाद यह विवाद सामने आया.
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा ही विवाद
यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले जबलपुर में ही लेंसकार्ट शोरूम को लेकर भी इसी तरह के आरोप लगाए गए थे, जहां धार्मिक प्रतीकों पर रोक का मुद्दा उठाकर प्रदर्शन किया गया था. उस समय भी प्रबंधन ने ड्रेस कोड का हवाला देकर आरोपों से इनकार किया था.
पुलिस रही मौके पर, जांच जारी
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम के दौरान मौजूद रही. हालांकि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने न तो किसी को शोरूम में प्रवेश करने से रोका और न ही टीका‑कलावा लगाने पर हस्तक्षेप किया, जिससे उसकी भूमिका को लेकर भी सवाल उठे. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है.
प्रशासनिक रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पूरे मामले को लेकर प्रशासन की जांच जारी है. अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोप कितने सही हैं और शोरूम प्रबंधन ने वास्तव में किसी तरह की रोक लगाई थी या नहीं. तब तक यह विवाद शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है.
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