Jabalpur High Court: कोर्ट रूम में शिशु भ्रूण लेकर पहुंच गया था शख्स, सस्पेंड किए गए हाई कोर्ट की सुरक्षा में तैनात 4 पुलिसकर्मी

Jabalpur Highcourt: जबलपुर हाई कोर्ट में सोमवार को न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ में एक शख्स द्वारा पॉलिथीन में शिशु का भ्रूण रखकर पहुंचने के मामले हाई कोर्ट सुरक्षा में लगे चार पुलिसकर्मियो को मंगलवार को सस्पेंड कर दिया. मामले में जबलपुर SP द्वारा संस्पेंड किए गए पुलिस कर्मियों में एक ASI, दो हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल शामिल है.

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FOUR POLICEMEN SUSPENDED IN CASE OF BREACH OF HIGHCOURT COURT SECURITY

Security Personal Suspended: बीते सोमवार मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ में सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में शिशु भ्रूण मामले में हाई कोर्ट की सुरक्षा में तैनात एएसआई समेत 4 पुलिस कर्मियों को संस्पेंड कर दिया गया है. घटना न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ के समक्ष हुई थी. घटना के बाद हाई कोर्ट की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल पॉलिथीन में रखे शिशु भ्रूण को कब्जे में ले लिया था.

जबलपुर हाई कोर्ट में सोमवार को न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ में एक शख्स द्वारा पॉलिथीन में शिशु का भ्रूण रखकर पहुंचने के मामले हाई कोर्ट सुरक्षा में लगे चार पुलिसकर्मियो को मंगलवार को सस्पेंड कर दिया. मामले में जबलपुर SP द्वारा संस्पेंड किए गए पुलिस कर्मियों में एक ASI, दो हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल शामिल है.

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दुर्घटना में मिस्कैरिज के शिकार हुए अपने शिशु का भ्रूण लेकर पहुंचा था शख्स

गौरतलब है कि पिछले सोमवार को जबलपुर हाई कोर्ट परिसर में सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में मिस्कैरिज की शिकार हुए अपने शिशु का भ्रूण लेकर पहुंच गया था. व्यक्ति की पहचान दया शंकर पांडे के रूप में हुई है. रीवा निवासी दया शंकर पांडे ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर लगातार हो रहे हादसों को हमला बताया था और कोर्ट में शिशु का भ्रूण बतौर सबूत लेकर पहुंचा था, जो एक दुर्घटना में शिकार हो गया था.

सुरक्षा में तैनात 1 ASI, 2 हेड कांस्टेबल और 1 कांस्टेबल को किया गया निलंबित

मामले में कार्रवाई करते हुए जबलपुर एसपी ने हाई कोर्ट की सुरक्षा में तैनात एएसआई मुन्ना अहिरवार, हेड कांस्टेबल ब्रह्मदत्त खत्री, हेड कांस्टेबल अरुण उपाध्याय और कांस्टेबल प्रतीक सोनकर को निलंबित कर दिया है. घटना वाले दिन चारों की ड्यूटी हाईकोर्ट की सुरक्षा में लगी थी, लेकिन उनकी मौजूदगी में आरोपी दया शंकर पांडे शिशु भ्रूण वाली पॉलिथीन लेकर कोर्ट रूम में पहुंच गया था.

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शिशु भ्रूण के साथ कोर्ट रूम में दयाशंकर पांडे ने जोर-जोर से चिल्लाते हुए कहा कि कुछ समय पहले वह अपनी गर्भवती पत्नी के साथ सड़क से जा रहा था, तभी हुई एक दुर्घटना में उसकी पत्नी का गर्भपात हो गया. घटना की शिकायत थाने में दर्ज कराई, लेकिन मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने पर उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी.

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लोकसभा चुनाव लड़ चुके शख्स ने याचिका में राष्ट्रपति को बनाया था पक्षकार

रिपोर्ट के मुताबिक हाई कोर्ट में दायर याचिका में दया शंकर पांड़े ने भारत के राष्ट्रपति को भी पक्षकार बनाया था. रीवा में लोकसभा चुनाव लड़ चुके दया शंकर पांड़े के मुताबिक अदालत के निर्देश पर राष्ट्रपति का नाम बाद में पक्षकारों की सूची से हटा दिया गया. इसी याचिका पर सोमवार को सुनवाई हाई कोर्ट में निर्धारित थी, जहां सुनवाई में जाते हुए दया शंकर पांडे बेरोक-टोक हाई कोर्ट परिसर में पॉलिथीन में शिशु भ्रूण लेकर पहुंच गया था..

हाई कोर्ट की सुरक्षा में तैनात स्पेशल आर्म्ड फोर्स ने घटना के बाद संभाला मोर्चा

उल्लेखनीय है हाई कोर्ट परिसर में शिशु भ्रूण लेकर व्यक्ति के पहुंचने की घटना की जानकारी मिलते ही हाईकोर्ट परिसर में सुरक्षा में तैनात स्पेशल आर्म्ड फोर्स (SAF) के जवानों के साथ ओमती थाना और सिविल लाइन थाना पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई और जिस स्थान पर भ्रूण से भरी पॉलिथीन शख्स द्वारा रखी गई थी, वहां तत्काल सफाई करवाकर पूरे क्षेत्र को सैनिटाइज कराया गया.

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