MP के 'मिनी ब्राजील' में कंबोडियाई कोच पोमेरॉय ने दी कोचिंग; मन की बात में PM ने किया था इस गांव का जिक्र

MP News: फुटबॉल कोच चार्ली पोमेरॉय ने बताया कि उन्हें इस प्रोजेक्ट के जरिए पता चला है कि भारत में फुटबॉल का समुदाय काफी बड़ा है. यहां फुटबॉल को पसंद करने वाले लोग भारी संख्या में हैं. भारत केवल क्रिकेट का देश नहीं है.

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Football Coaching: MP के 'मिनी ब्राजील' में कंबोडियाई कोच पोमेरॉय ने दी कोचिंग; मन की बात में PM ने किया था इस गांव का जिक्र

MP News: 'मिनी ब्राजील' (Mini Brazil) यानी मध्य प्रदेश के विचारपुर गांव (Vicharpur Village) पहुंचे कंबोडिया के अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल कोच चार्ली पोमेरॉय (Charlie Pomroy) ने गुरुवार को मिनी ब्राजील विचारपुर के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल तकनीकों से रू-ब-रू कराया. इस दौरान पोमेरॉय ने युवा खिलाड़ियों को बताया कि बड़े टूर्नामेंट्स में सफल खिलाड़ी किन खास स्किल्स और स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल करते हैं. अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल कोच एवं टेक्निकल हेड चार्ली पोमेरॉय ने बताया कि उन्होंने शहडोल जिले के 'मिनी ब्राजील' विचारपुर के बारे में पहले भी काफी सुना था. यहां आकर देखा कि शहडोल फुटबॉल के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है. उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि संसाधनों और समर्थन की कमी जैसी चुनौतियों के बावजूद मेहनत जारी रखें, क्योंकि सफलता जरूर मिलेगी.

मन की बात कार्यक्रम में PM ने किया था इस गांव का जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम और अमेरिका दौरे पर हुए एक पॉडकास्ट में मिनी ब्राजील के नाम से मशहूर विचारपुर गांव और यहां के खिलाड़ियों के पीढ़ी-दर-पीढ़ी फुटबॉल खेल के प्रति जूनून और समर्पण का जिक्र हुआ था. इसी प्रसारण और सोशल मीडिया कंटेंट से प्रभावित होकर कंबोडिया के सहायक एफसी एनजीओ के टेक्निकल हेड कोच और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल कोच चार्ली पोमेरॉय विचारपुर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने स्थानीय खिलाड़ियों को नई स्किल्स, बेहतर तकनीक, फिटनेस और खेल पर मजबूत पकड़ जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया.

चार्ली पोमेरॉय ने बताया कि उन्हें इस प्रोजेक्ट के जरिए पता चला है कि भारत में फुटबॉल का समुदाय काफी बड़ा है. यहां फुटबॉल को पसंद करने वाले लोग भारी संख्या में हैं. भारत केवल क्रिकेट का देश नहीं है.

कोच पोमेरॉय ने कहा कि किसी भी देश में क्रिकेट और फुटबॉल साथ-साथ खेला जा सकता है. भारत जिस तरह अच्छे क्रिकेट खिलाड़ी तैयार करता है, वैसे ही अच्छे फुटबॉलर भी पैदा कर सकता है. इससे पहले, नवंबर 2025 में जर्मनी के मशहूर फुटबॉल कोच डाइटमार बेयर्सडॉर्फ विचारपुर गांव पहुंचे थे. जहां उन्होंने स्थानीय खिलाड़ियों से मुलाकात की. वह उन खिलाड़ियों से रू-ब-रू हुए, जो जर्मनी जाकर फुटबॉल के आधुनिक प्रशिक्षण से लौटे थे.

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