DSP की पत्नी की एक फेसबुक पोस्ट ने बदल दी जिंदगी, दिलचस्प है इनकी शादी की कहानी

डीएसपी संतोष कुमार पटेल मध्य प्रदेश पुल‍िस के चर्चित अफसर हैं. बालाघाट से भोपाल ACP पद पर तबादला उनकी पत्नी रोशनी पटेल के एक भावुक फेसबुक पोस्ट के बाद हुआ. जानें इस कपल की दिलचस्प शादी और संघर्ष की पूरी कहानी.

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डीएसपी संतोष कुमार पटेल का बालाघाट से भोपाल ACP पद पर तबादला.
Santosh Patel
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  • DSP संतोष कुमार पटेल का बालाघाट से भोपाल कोतवाली ACP पद पर तबादला उनकी पत्नी के भावुक फेसबुक पोस्ट के बाद हुआ
  • मध्‍य प्रदेश में संतोष-रोशनी पटेल की शादी 29 नवंबर 2021 को बुंदेली परंपरा के अनुसार अरेंज मैरिज के तहत हुई थी.
  • शादी के बाद संतोष ने अपनी दुल्हन को साइकिल पर बैठाकर निकाला था, जिसका फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ.

मध्य प्रदेश पुलिस सेवा के चर्चित डीएसपी संतोष कुमार पटेल इन दिनों अपने नए तबादले को लेकर सुर्खियों में हैं. बालाघाट से भोपाल कोतवाली एसीपी के पद पर हुए उनके इस अचानक तबादले के तार उनकी पत्नी रोशनी पटेल की उस फेसबुक पोस्ट से जुड़ते द‍िख रहे हैं, जिसने सोशल मीडिया पर हर किसी को भावुक कर दिया था. ट्रांसफर के बाद अब इस कपल की पर्सनल लाइफ और उनकी शादी का बेहद दिलचस्प किस्सा भी जान ल‍िज‍िए, जो कभी खूब वायरल हुआ था. 

केन-बेतवा नदी के किनारों का मिलन और अरेंज मैरिज

NDTV से बातचीत में डीएसपी संतोष कुमार पटेल ने बताया कि वे  मध्य प्रदेश पुलिस के 2018 बैच के अध‍िकारी हैं. उनकी और रोशनी पटेल की शादी 29 नवंबर 2021 को हुई थी. यह पूरी तरह से एक अरेंज मैरिज थी. वे दोनों केन-बेतवा नदी के किनारे के रहने वाले हैं. एक तरफ पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील में उनका ग्राम देवगांव है, तो दूसरी तरफ छतरपुर जिले की चंदला तहसील में उनकी पत्नी रोशनी का गांव गहरावणा स्थित है. 

मध्य प्रदेश पुलिस में 2018 बैच के डीएसपी संतोष पटेल और रोशनी की शादी 29 नवंबर 2021 को हुई.Photo Credit: DSP Santosh Patel

शादी के बाद दुल्हन को साइकिल पर घूमाने का वायरल किस्सा

डीएसपी संतोष कुमार पटेल ने भोपाल नगरीय पुलिस में एसीपी पद पर तबादले के मौके पर अपनी शादी के बाद का वह किस्सा भी साझा किया, जब वे अपनी नई-नवेली दुल्हन को साइकिल पर बैठाकर निकले थे. शादी के बाद साइकिल पर दुल्हन के साथ डीएसपी दूल्हे की वह तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी. इस अनोखी पहल की मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी जमकर तारीफ की थी.

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डीएसपी संतोष कुमार पटेल के अनुसार  उनकी और रोशनी की शादी बुंदेली परंपरा के अनुसार हुई थी. शादी के बाद विदाई तो पालकी में हुई थी मगर अगले दिन उनके घर से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित कुलदेवता और पूर्वजों के चबूतरे पर पूजा-अर्चन करने जाना था तब उन्होंने पैदल या किसी अन्य वाहन से जाने के बजाय अपनी दुल्हन रोशनी को साइकिल पर ले जाना बेहतर समझा. इस नजारे को देखकर एक बार तो पूरे गांव वाले भी हैरान रह गए थे.

रोशनी एमए-बीए तक पढ़ी-लिखी हैं. शादी के बाद डीएसपी पति संतोष पटेल की जहां-जहां पोस्टिंग रही, वे हमेशा उनके साथ ही रहती थीं.

नक्सल प्रभावित क्षेत्र में तैनाती और परिवार का दर्द

रोशनी एमए-बीए तक पढ़ी-लिखी हैं. शादी के बाद डीएसपी पति संतोष पटेल की जहां-जहां पोस्टिंग रही, वे हमेशा उनके साथ ही रहती थीं. मगर बीते डेढ़ साल में यह पहला मौका आया जब संतोष कुमार पटेल को सेनानी हॉकफोर्स बालाघाट में तैनाती मिलने की वजह से पत्नी रोशनी को उनसे दूर रहना पड़ा.

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संतोष कुमार पटेल लंबे समय तक परिवार से दूर रहे और इस दौरान उनका परिवार किन तकलीफों से गुजर रहा था, इसका दर्द उनकी पत्नी रोशनी पटेल ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए बयां किया. उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार से अपने पति के तबादले की बेहद भावुक अपील की थी.

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पत्नी रोशनी पटेल की वह भावुक फेसबुक पोस्ट

रोशनी पटेल ने फेसबुक पर लिखा था कि "बालाघाट के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में नियम है कि वहां एक साल की ड्यूटी होगी, लेकिन मेरे पतिदेव को ड्यूटी करते हुए एक साल पांच महीने हो चुके हैं. अभी तक ट्रांसफर की कोई सूचना नहीं आई है. बच्चों की पढ़ाई का समय आ गया है और स्कूल में एडमिशन करवाना है. मां बीमार रहती हैं, समय पर उनकी दवाइयां नहीं हो पाती हैं. मेरे जैसी कई पत्नियां इंतजार कर रही हैं कि वे अपने परिवार के साथ रह सकें. सरकार से निवेदन है कि जल्द से जल्द ट्रांसफर किया जाए."  

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तबादले का आदेश और हनुमान जी के मंदिर में आभार

इत्तेफाक से रोशनी पटेल की इस भावुक अपील के कुछ दिन बाद ही परिवार को खुशखबरी मिल गई. 27 जून 2026 को जारी मध्य प्रदेश पुलिस के 65 अधिकारियों की तबादला सूची में पति संतोष पटेल का नाम देखकर रोशनी पटेल की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. संतोष पटेल भी भोपाल कोतवाली के एसीपी बनने को लेकर बेहद उत्साहित हैं और जल्द ही कार्यभार संभालने वाले हैं. उन्होंने बताया कि भोपाल में यह उनकी पहली पोस्टिंग है.

तबादले की खबर मिलते ही पत्नी रोशनी ने सोशल मीडिया पर एक और पोस्ट साझा की. इस बार उन्होंने हनुमान मंदिर में पति की तस्वीर और तबादला आदेश की कॉपी शेयर करते हुए लिखा.

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"आज शनिवार है और प्रदोष व्रत भी था. हनुमान जी और महादेव दोनों की कृपा से पतिदेव का ट्रांसफर बालाघाट से ACP भोपाल कोतवाली के लिए हो गया है. मैं कभी भोपाल तो नहीं गई, लेकिन सुना है कि वहां के लोग और माहौल दोनों बहुत सुकून और शीतलता देने वाले हैं. अभी तक सिर्फ गांव-देहात की नौकरी की थी, पहली बार बड़े शहर में आ रहे हैं. सभी की दुआओं के लिए धन्यवाद."

क्या है हॉकफोर्स, जहां तैनात थे डीएसपी संतोष?

बता दें कि मध्य प्रदेश पुलिस में डीएसपी संतोष कुमार पटेल की पोस्टिंग नक्सल प्रभावित इलाके बालाघाट जिले में थी. वहां वे सहायक सेनानी के रूप में हॉकफोर्स  में तैनात थे. हॉकफोर्स का गठन पूरी तरह से नक्सलियों के खात्मे के लिए किया गया था. ऐसे में मध्य प्रदेश पुलिस सेवा के चुनिंदा और जांबाज अफसरों की ही यहां विशेष रूप से तैनाती की जाती है. इन अफसरों की कार्यशैली बिल्कुल सेना (आर्मी) की तरह होती है, जो जंगलों में कैंप लगाकर महीनों तक रहते हैं. कठिन ड्यूटी नियमों के चलते वे पिछले 17 महीनों से अपने परिवार से दूर थे. अब 31 मार्च 2026 को भारत नक्‍सलवाद मुक्‍त होने के बाद हॉकफोर्स में तैनात अफसरों को फील्‍ड पोस्टिंग दी जा रही है. संतोष पटेल के साथ ही 20 अफसरों का हॉकफोर्स से अन्‍य पुल‍िस थानों व कार्यालयों में तबादला हुआ है.  

संतोष कुमार पटेल की सक्सेस स्टोरी: राजमिस्त्री के बेटे का डीएसपी बनने तक का सफर 

संतोष कुमार पटेल का बचपन बेहद गरीबी में बीता. उनके पिता जानकी प्रसाद पटेल राजमिस्त्री का काम करते थे और मां गोलहू बाई एक गृहिणी हैं. आर्थिक तंगहाली के बावजूद दोनों ने अपने बेटे संतोष के सरकारी स्कूल और कॉलेज की ओर बढ़ते कदमों को कभी नहीं रोका. संतोष ने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) से इंजीनियरिंग की डिग्री ली और फिर साल 2015 में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की तैयारी शुरू कर दी. साल 2017 की MPPSC परीक्षा का जब परिणाम आया, तो संतोष कुमार ने पूरे प्रदेश में 22वीं रैंक हासिल की. उन्हें यह सफलता अपने दूसरे प्रयास में मिली थी. संतोष कुमार के डेढ़ माह का बेटा है, ज‍िसका नाम जागो पटेल रखा है. खास बात है क‍ि बेटे के नाम का पहला अक्षर प‍िता और दूसरा अक्षर मां के नाम से ल‍िया है.  

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