छत्तीसगढ़ में मध्यान्ह भोजन रसोइया संघ के 500-600 सदस्यों पर FIR; धरने पर बैठे कर्मचारियों की ये हैं मांगे

CG Rasoiya Sangh Protest: दो मौतों के बाद यूनियन सदस्यों ने आरोप लगाया है कि वर्षों से लंबित मांगों पर सरकार ने कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया है. उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा.

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छत्तीसगढ़ में मध्यान्ह भोजन रसोइया संघ के 500-600 सदस्यों पर FIR; धरने पर बैठे कर्मचारियों की ये हैं मांगे

Chhattisgarh Mid-Day Meal Protest: छत्तीसगढ की राजधानी में नवा रायपुर अटल नगर के तूता धरना स्थल पर हजारों मध्याह्न भोजन रसोइया 29 दिसंबर से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिनमें ज्यादातर महिलाएं हैं. वहीं तूता अभनपुर ब्रिज पर गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात चक्काजाम करने और तोड़फोड़ को लेकर पुलिस एक्शन में आ गई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार रसोइया संघ के अध्यक्ष रामराज्य कश्यप समेत रसोइया संघ के 500–600 सदस्यों पर FIR दर्ज की गई है. ये कार्रवाई रायपुर के अभनपुर पुलिस थाना द्वारा की गई है. पुलिस के अनुसार शुरुआत में धरना शांतिपूर्ण था, लेकिन बाद में आंदोलन अचानक उग्र हो गया.

भड़काऊ भाषणों के बाद सैकड़ों लोग मुख्य मार्ग पर बैठे

आरोप है कि संघ के कुछ नेताओं ने भड़काऊ भाषण दिए, जिसके बाद प्रदर्शनकारी आक्रोशित हो गए. सैकड़ों सदस्य नवा रायपुर जाने वाले मुख्य मार्ग पर पहुंच गए और सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया.

कार्यपालिक मजिस्ट्रेट ने रैली को अवैध बताते हुए बार-बार समझाइश दी कि मुख्य सड़क अवरुद्ध करने से आम लोगों को परेशानी होगी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने निर्देश मानने से इनकार कर दिया. चक्काजाम के कारण कई घंटे तक राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

रामराज्य कश्यप समेत 500-600 प्रदर्शनकारियों पर केस

थाना अभनपुर पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष रामराज कश्यप सहित 500-600 अज्ञात सदस्यों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(2) और 191(2) के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी.

अनिश्चितकालीन आंदोलन के दौरान दो रसोइयों की मौत

रसोइया संघ के प्रदेश अध्यक्ष रामराज्य कश्यप ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि आंदोलन के दौरान दो रसोइयों की मौत हो चुकी है. दुलारी बाई यादव (50) 29 दिसंबर 2025 से धरना स्थल पर बैठी थीं. 25 जनवरी को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें रायपुर के अंबेडकर अस्पताल और बाद में निजी अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया. वहीं रुक्मणी सिन्हा 20 से 23 जनवरी तक धरना में शामिल रहीं. स्वास्थ्य बिगड़ने पर घर लौटीं और 26 जनवरी को राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में उनकी मौत हो गई. परिजनों ने बताया कि वह लंबे समय से रक्तचाप की समस्या से पीड़ित थीं.

आंदोलनकारियों की चेतावनी : 'सरकार ने निर्णय नहीं लिया तो उग्र होंगे'

दो मौतों के बाद यूनियन सदस्यों ने आरोप लगाया है कि वर्षों से लंबित मांगों पर सरकार ने कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया है. उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा.

राज्य सरकार ने मौतों और विरोध प्रदर्शन के बीच किसी भी सीधे संबंध से इनकार किया है. एक बयान में, लोक शिक्षण संचालनालय ने कहा कि हड़ताल पर बैठे रसोईयों के प्रतिनिधियों की संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय और स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव से चर्चा हुई थी.

इस दौरान शासन द्वारा रसोइयों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए उनके मानदेय में 25 प्रतिशत की वृद्धि, अर्थात 500 रुपए (लगभग 17 रुपये प्रति दिन की बढ़ोतरी) की वृद्धि किए जाने की कार्यवाही की जानकारी दी गई थी

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66 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये प्रतिदिन भुगतान की मांग

छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाने वाले हजारों रसोइया प्रतिदिन 66 रुपये मानदेय पाते हैं. उनकी मांग है कि इसे बढ़ाकर 400 रुपये प्रति दिन किया जाए. अधिकांश रसोइया महिलाएं हैं, जिनमें बड़ी संख्या ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों से आती है.

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