Children Drowned in Canal: मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले से दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है. यहां तीन मासूम सगे भाई‑बहनों की एक साथ मौत और फिर एक ही चिता पर उनका अंतिम संस्कार देखने वाले हर शख्स की आंखें नम कर गया. अनेर नदी में डूबकर जान गंवाने वाले इन बच्चों की अंतिम विदाई के वक्त पूरा गांव शोक में डूबा नजर आया. चीख‑पुकार, सिसकियां और खामोश आंसुओं के बीच यह मंजर हर किसी के दिल में हमेशा के लिए दर्ज हो गया.
यह हृदयविदारक घटना बड़वानी जिले की वरला तहसील के बिलवा गांव की है. बुधवार को मामा के घर आए तीन मासूम भाई‑बहन अनेर नदी में नहाने पहुंचे थे. नहाते समय वे गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते तेज धार में समा गए. मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही तीनों की जान चली गई.
शादी‑ब्याह की खुशी मातम में बदली
परिजनों के अनुसार, देवली गांव निवासी पवन ब्राह्मणे अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रिश्तेदारी में बिलवा गांव आए थे. उनकी बड़ी बेटी पहले से ही मामा के घर पर मौजूद थी. बुधवार को तीनों छोटे बच्चे बड़ी बहन से मिलने जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन वहां नहीं पहुंचे. जब काफी देर तक बच्चे घर नहीं लौटे, तो परिजन परेशान हो गए.
कपड़े‑चप्पलों से हुआ अनहोनी का अंदेशा
परिजनों और ग्रामीणों ने बच्चों को इधर‑उधर तलाशना शुरू किया. तलाश के दौरान नदी किनारे बच्चों के कपड़े और चप्पल मिले, जिससे सभी के मन में अनहोनी की आशंका गहराने लगी. इसके बाद स्थानीय लोगों ने नदी में खोजबीन की, जहां गहरे पानी में तीनों बच्चों के शव मिले.
पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंची अर्थियां
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद तीनों बच्चों के शव उनके गृह गांव देवली लाए गए. जैसे ही एक साथ तीन अर्थियां गांव पहुंचीं, माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया.
एक ही चिता पर दी गई अंतिम विदाई
देवली गांव में तीनों सगे भाई‑बहनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया. यह दृश्य देखकर हर किसी का कलेजा कांप उठा. अंतिम संस्कार के दौरान क्षेत्रीय विधायक मोंटू सोलंकी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और नम आंखों से बच्चों को अंतिम विदाई दी.
बिलखते माता‑पिता, रो पड़ा पूरा गांव
अपने तीनों बच्चों को एक साथ खोने वाले माता‑पिता का रो‑रोकर बुरा हाल था. मां‑बाप की चीखें और परिवार का दर्द देख वहां मौजूद हर शख्स भावुक हो गया. पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा और हर चेहरे पर सिर्फ दुख और असहायता नजर आई.
गांव में पसरा मातम, हर दिल भारी
इस दर्दनाक हादसे के बाद देवली और आसपास के इलाकों में शोक का माहौल है. कोई भी ऐसा नहीं था जिसकी आंखें सूखी हों. लोगों का कहना है कि ऐसा दृश्य उन्होंने जीवन में कभी नहीं देखा. तीन मासूम जिंदगियों का इस तरह चले जाना पूरे इलाके के लिए कभी न भरने वाला घाव बन गया है.














