How To Strenthning Bones: हर साल 8 मार्च को इंटरनेशनल वुमेंस डे दुनिया भर में मनाया जाता है. यह दिन ने केवल महिलाओं की सफलता को याद करने के लिए बल्कि उनकी सेहत पर ध्यान देने के लिए भी है. अक्सर देखा जाता है कि महिलाएं अपने परिवार, बच्चों और घर की जिम्मेदारियों में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं. महिलाओं की सेहत की बात होती है तो आमतौर पर पीसीओएस (PCOS), यूटीआई (UTI) या पीरियड्स (Periods) से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा होती है. लेकिन, एक ऐसी समस्या भी है जो चुपचाप महिलाओं के शरीर को कमजोर करती रहती है, हड्डियों का धीरे-धीरे कमजोर होना, जिसे मेडिकल भाषा में ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) या साइलेंट बोन लॉस कहा जाता है.
चौंकाने वाली बात यह है कि कई महिलाओं में 30 की उम्र के बाद ही बोन डेंसिटी (Bone Density) कम होना शुरू हो जाता है, लेकिन इसके लक्षण तुरंत दिखाई नहीं देते. यही कारण है कि इसे साइलेंट डिजीज भी कहा जाता है. जब तक महिलाओं को इसका पता चलता है, तब तक कई बार हड्डियां काफी कमजोर हो चुकी होती हैं और मामूली चोट से भी फ्रैक्चर हो सकता है. मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज की इंटरनल मेडिसिन की प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. मीनाक्षी जैन ने इंटरनेशनल वुमेंस डे के मौके पर बताया कि महिलाएं अपनी हड्डियों को कैसे हेल्दी रख सकती हैं.
30 की उम्र में हड्डियों का कमजोर होना क्यों शुरू हो सकता है? | Why Can Bones Start Weakening At the Age of 30?
1. एस्ट्रोजन हार्मोन कम होने लगता है
महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन हड्डियों को मजबूत रखने में अहम भूमिका निभाता है. जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, इस हार्मोन का लेवल धीरे-धीरे कम होने लगता है. खासकर मेनोपॉज के समय यह तेजी से घटता है, जिससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं.

2. कैल्शियम और विटामिन डी की कमी होने लगती है
हड्डियों को मजबूत रखने के लिए कैल्शियम और विटामिन D बेहद जरूरी होते हैं. अगर भोजन में इन पोषक तत्वों की कमी है, तो हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं.
3. अगर फिजिकल एक्टिविटी कम हो
आजकल कई महिलाएं लंबे समय तक बैठकर काम करती हैं या रेगुलर एक्सरसाइज नहीं करतीं. एक्टिव लाइफस्टाइल की कमी भी हड्डियों की मजबूती को कम कर सकती है.
4. धूम्रपान और ज्यादा शराब का सेवन
स्मोकिंग और ज्यादा शराब का सेवन हड्डियों के लिए नुकसानदायक माना जाता है. यह शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को प्रभावित करता है.
5. परिवार में पहले से समस्या होना
अगर परिवार में किसी को ऑस्टियोपोरोसिस रहा है, तो महिलाओं में इसका खतरा बढ़ सकता है. इसलिए परिवार के इतिहास के बारे में भी पता होना चाहिए.
6. बहुत कम वजन भी एक कारण
बहुत दुबले-पतले शरीर वाली महिलाओं में भी हड्डियों के कमजोर होने का खतरा ज्यादा हो सकता है. इस कारण पर खास देने की जरूरत है.

क्यों खतरनाक है साइलेंट बोन लॉस? | Why is Silent Bone Loss Dangerous?
इस बीमारी की सबसे बड़ी समस्या यह है कि शुरुआती दौर में कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते. कई महिलाएं पूरी तरह सामान्य महसूस करती हैं, लेकिन अंदर ही अंदर बोन डेंसिटी कम होती रहती है.
बाद में इसके लक्षण इस तरह सामने आ सकते हैं:
- हल्की चोट में भी हड्डी टूट जाना.
- कमर या पीठ में दर्द.
- शरीर का झुकना.
- लंबाई का धीरे-धीरे कम होना.
इसीलिए डॉक्टर समय-समय पर DEXA Scan (Bone Density Test) कराने की सलाह देते हैं, जिससे हड्डियों की स्थिति का पता चल सके.
हड्डियों को मजबूत रखने के लिए जरूरी उपाय | Important Measures to Keep Bones Strong
1. कैल्शियम और विटामिन D से भरपूर डाइट लें
- दूध और दही
- पनीर
- हरी पत्तेदार सब्जियां
- बादाम और अखरोट
- मछली
- फोर्टिफाइड फूड्स
जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट भी लिए जा सकते हैं.

2. रेगुलर एक्सरसाइज करनी चाहिए
हड्डियों की मजबूती के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, वॉकिंग, योग और हल्की एक्सरसाइज बहुत फायदेमंद होती हैं. व्यायाम से हड्डियां मजबूत बनती हैं.
3. कैफीन और शराब का सेवन न करें
बहुत ज्यादा कॉफी, चाय या शराब हड्डियों के लिए नुकसानदायक कर सकता है. अगर आप बहुत ज्यादा पीते हैं तो सेवन सीमित करने पर ध्यान दें.
4. धूम्रपान से दूरी बनाएं रखें
धूम्रपान हड्डियों को कमजोर कर सकता है और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ाता है. इसलिए जितना हो इससे दूर रहना ही अच्छा है.
5. समय-समय पर बोन डेंसिटी टेस्ट कराएं
अगर परिवार में हड्डियों की बीमारी का इतिहास है या शरीर कमजोर है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर DEXA Scan जरूर कराएं.
6. तनाव कम करें
लगातार तनाव भी शरीर के हार्मोन को प्रभावित करता है. इसलिए योग, मेडिटेशन और गहरी सांस लेने की तकनीक अपनाना फायदेमंद हो सकता है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं