Developmental Dysplasia of the Hip: 'बी अ मैन यार' के हालिया एपिसोड में एक्टर वरुण धवन ने अपनी बेटी को लेकर एक शॉकिंग खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि उनकी बेटी लारा को डेढ़ साल की उम्र में डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया ऑफ द हिप हुआ था. यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें हिप्स का जोड़ अपनी जगह से खिसक जाता है, एक पैर दूसरे से लंबा हो जाता है, जिससे चलना बहुत मुश्किल हो जाता है, आप ठीक से दौड़ नहीं सकते, चल नहीं सकते, आपको कम उम्र में ही गठिया या स्लिप डिस्क हो सकती है, जिससे कई तरह की समस्याएं होती हैं. यहां जानें आखिर क्या है डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया ऑफ द हिप और इसके शुरुआती लक्षण कैसे नजर आते हैं.

क्या है डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया ऑफ द हिप?
डीडीएच एक ऐसी कंडीशन है जो ज्यादातर शिशुओं और छोटे बच्चों में देखने को मिलती है. इसमें बच्चे के हिप्स का जोड़ ठीक से अपनी जगह नहीं बैठता. सरल भाषा में जानें, तो हमारे हिप्स में एक गेंद और गड्ढे जैसा जोड़ होता है. जांघ की हड्डी का ऊपरी हिस्सा गेंद जैसा होता है और हिप्स की हड्डी में एक सॉकेट होता है, जहां यह गेंद फिट होकर घूमती है, इससे बच्चा आसानी से चल-फिर पाता है, लेकिन डीडीएच वाले बच्चों में यह सॉकेट थोड़ा उथला होता है, जिसके कारण जांघ की हड्डी की “गेंद” उस गड्ढे में ठीक से टिक नहीं पाती और जोड़ ढीला हो जाता है, इतना ही नहीं ऐसे मामले में कभी-कभी जांघ की हड्डी सॉकेट से बाहर भी आ सकती हैम जिसका मतलब है हिप्स अपनी जगह से खिसक सकते हैं.
हिप डिस्प्लेसिया का मुख्य कारण क्या है?
- गर्भ में बच्चे की पोज़िशन
- परिवार में इतिहास होना
- हार्मोनल प्रभाव
हिप डिस्प्लेसिया के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
- अलग-अलग लंबाई के पैर
- जांघ पर त्वचा की असमान सिलवटें
- एक तरफ गतिशीलता या लचीलेपन में कमी
- लंगड़ाना, पैर की उंगलियों पर चलना या लड़खड़ाकर चलना
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