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क्या सिर्फ पानी पीकर वजन घटा सकते हैं? जानिए क्या होती है Water Fasting और इसके रिस्क क्या हैं

Water Fasting For Weight Loss: कुछ रिसर्च बताती हैं कि इससे सेल्स की सफाई (Autophagy) हो सकती है, लेकिन इसके जोखिम भी कम नहीं हैं. इसलिए इसे अपनाने से पहले यह समझना जरूरी है कि शरीर के अंदर क्या होता है.

क्या सिर्फ पानी पीकर वजन घटा सकते हैं? जानिए क्या होती है Water Fasting और इसके रिस्क क्या हैं
कई लोग मानते हैं कि इससे शरीर डिटॉक्स होता है.

Water Fasting Benefits: आजकल वेट लॉस के लिए वाटर फास्टिंग तेजी से ट्रेंड बनता जा रहा है. सोशल मीडिया पर लोग दावा करते हैं कि सिर्फ पानी पीकर कुछ ही दिनों में वजन तेजी से घटाया जा सकता है. सुनने में यह आसान और असरदार लगता है, न डाइट प्लान, न कैलोरी काउंटिंग. लेकिन, असल में वाटर फास्टिंग शरीर के लिए एक बड़ा बदलाव (Metabolic Shift) होता है, जो अंदर से कई प्रक्रियाओं को प्रभावित करता है. इसमें शरीर को भोजन नहीं मिलता और उसे अपनी एनर्जी के लिए अलग-अलग तरीके अपनाने पड़ते हैं. कुछ रिसर्च बताती हैं कि इससे सेल्स की सफाई (Autophagy) हो सकती है, लेकिन इसके जोखिम भी कम नहीं हैं. इसलिए इसे अपनाने से पहले यह समझना जरूरी है कि शरीर के अंदर क्या होता है.

वाटर फास्टिंग क्या होता है? | What is Water Fasting?

वाटर फास्टिंग का मतलब है एक तय समय तक सिर्फ पानी पीना और कोई भी ठोस या तरल भोजन न लेना. यह अवधि 24 घंटे से लेकर कई दिनों तक हो सकती है. कुछ लोग इसे डिटॉक्स और वजन घटाने का तरीका मानते हैं, लेकिन इसका प्रभाव हर व्यक्ति पर अलग होता है.

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पहले 24 घंटे: शरीर की एनर्जी खत्म होने लगती है

शुरुआत में शरीर अपनी स्टोर की हुई एनर्जी (ग्लाइकोजन) का इस्तेमाल करता है. यह ग्लूकोज का स्टोर होता है, जो लिवर और मांसपेशियों में रहता है. जैसे-जैसे यह खत्म होता है आपको भूख, चिड़चिड़ापन, सिरदर्द और कमजोरी महसूस हो सकती है.

2 से 3 दिन: शरीर कीटोसिस में जाता है

जब ग्लाइकोजन खत्म हो जाता है, तो शरीर फैट को एनर्जी में बदलना शुरू करता है. इसे कीटोसिस कहते हैं. इस दौरान वजन तेजी से घटता दिखता है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा पानी और मांसपेशियों का होता है. इस समय आपको चक्कर, थकान और मुंह से बदबू जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.

3 दिन के बाद: मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं

लंबे समय तक फास्टिंग करने पर शरीर अपनी एनर्जी बचाने लगता है और मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है. साथ ही शरीर प्रोटीन के लिए मांसपेशियों को तोड़ना शुरू कर देता है. इससे कमजोरी, लो ब्लड प्रेशर और ध्यान में कमी आ सकती है.

क्या वाटर फास्टिंग से शरीर डिटॉक्स होता है?

कई लोग मानते हैं कि इससे शरीर डिटॉक्स होता है, लेकिन सच्चाई यह है कि हमारा शरीर पहले से ही लिवर और किडनी के जरिए खुद को साफ करता रहता है. वाटर फास्टिंग इस प्रक्रिया को खास तौर पर बेहतर बनाता है, इसका पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.

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इसके जोखिम क्या हैं?

वाटर फास्टिंग बिना डॉक्टर की सलाह के करना खतरनाक हो सकता है. इससे शरीर में पोषक तत्वों की कमी, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और हार्मोनल गड़बड़ी हो सकती है.

वाटर फास्टिंग से वजन जरूर कम होता है, लेकिन यह परमानेंट नहीं होता. जैसे ही आप सामान्य खाना शुरू करते हैं, वजन वापस बढ़ सकता है. इसलिए अगर आप हेल्दी तरीके से वजन घटाना चाहते हैं, तो बैलेंस डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज और अच्छी नींद ज्यादा असरदार और सुरक्षित तरीका है.

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