
क्या आप भी वजन कम करने में कामयाब रहे हैं और कम करने के बाद उस वजन को बरकरार रख पाएं हैं? मोटापे की बीमारी से ग्रस्त लोगों के लिए वजन कम करने के बाद उसे बरकरार रखना बड़ी समस्या है। हालांकि एक नए शोध से पता चला है कि अगर कोई व्यक्ति एक साल तक वजन काबू में रखता है तो उसका शरीर कम वजन के अनुकूल हो जाता है। इस शोध के निष्कर्षो से पता चलता है कि अगर अधिक वजन वाला व्यक्ति शुरू में कुछ वजन घटाने में सफल होता है और इसे एक साल तक लगातार बरकरार रखने में सफल होता है तो उसका शरीर नए वजन को स्वीकार कर लेता है और उसका विरोध नहीं करता।
डेनमार्क के कोपेनहेगन विश्वविद्यालय की प्रमुख शोधार्थी इवा विनिंग ने बताया, "हमें पता है कि मोटे लोगों की चयापचय क्षमता कम होती है, क्योंकि उनमें भूख रोकने वाले हार्मोन जीएलपी-1 का स्तर कम होता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि अब हम यह दिखाने में सक्षम हैं कि आप वास्तव में इस हार्मोन का स्तर बढ़ा सकते हैं, साथ ही भूख में बाधा डालने वाले एक अन्य हार्मोन पीवाईवाई को वजन घटाकर काबू किया जा सकता है। अगर आप एक साल तक वजन काबू रखते हैं तो इस हर्मोन का स्तर भी बरकरार रहता है।"
यह शोध यूरोपियन जर्नल ऑफ एंडोक्राइनोलॉजी में प्रकाशित किया गया है।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
डेनमार्क के कोपेनहेगन विश्वविद्यालय की प्रमुख शोधार्थी इवा विनिंग ने बताया, "हमें पता है कि मोटे लोगों की चयापचय क्षमता कम होती है, क्योंकि उनमें भूख रोकने वाले हार्मोन जीएलपी-1 का स्तर कम होता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि अब हम यह दिखाने में सक्षम हैं कि आप वास्तव में इस हार्मोन का स्तर बढ़ा सकते हैं, साथ ही भूख में बाधा डालने वाले एक अन्य हार्मोन पीवाईवाई को वजन घटाकर काबू किया जा सकता है। अगर आप एक साल तक वजन काबू रखते हैं तो इस हर्मोन का स्तर भी बरकरार रहता है।"
यह शोध यूरोपियन जर्नल ऑफ एंडोक्राइनोलॉजी में प्रकाशित किया गया है।
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