क्रूड ऑयल सुनकर पेट्रोल-डीजल समझे क्या? देख लीजिए इससे बनने वाली चीजों की पूरी लिस्ट

भारत में क्रूड ऑयल की संभावित कमी से पेट्रोल, डीजल और LPG पर असर पड़ सकता है. कच्चा तेल सिर्फ फ्यूल नहीं, बल्कि रिफाइनिंग के दौरान कई ऐसे प्रोडक्ट्स देता है, जो रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होते हैं.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
क्रूड ऑयल से क्या-क्या बनता है

मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के चलते क्रूड ऑइल की सप्लाई पर खतरा मंडराने लगा है. कई देशों में फिलहाल क्रूड ऑइल की किल्लत देखने को मिल रही है. इससे भारत भी अछूता नहीं है. दरअसल, भारत अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए भारी मात्रा में क्रूड ऑइल आयात करता. इसका ज्यादातर हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरता है. लेकिन पर्शियन गल्फ और गल्फ ऑफ ओमान के बीच स्थित इस स्ट्रेट में युद्ध के चलते क्रूड ऑइल टैंकर्स की आवाजाही लगभग शून्य हो चुकी है. 

इसके चलते भारत में जल्द ही क्रूड ऑइल की कमी होने की संभावना बढ़ गई है, जिससे देश में पेट्रोल-डीजल और LPG सहित कई प्रोडक्ट्स पर संकट गहराने के आसार नजर आने लगे हैं. शायद बहुत कम लोगों को इसकी जानकारी होगी कि क्रूड ऑयल केवल फ्यूल प्रोडक्ट्स बनाने तक सीमित नहीं है. रिफाइनिंग प्रोसेस के दौरान इससे कई तरह के प्रोडक्ट निकलते हैं, जो हमारे रोजमर्रा के जीवन में अलग-अलग कामों में इस्तेमाल होते हैं. आइए जानते हैं कि क्रूड ऑयल से कौन-कौन सी जरूरी चीजें तैयार होती हैं.

पहले स्टेज में बनती हैं गैसें

क्रूड ऑयल रिफाइनिंग की पहली स्टेज में ब्यूटेन और प्रोपेन जैसी नेचुरल गैसें निकलती हैं. ये गैसें बहुत तेजी से जलती हैं और इन्हें कुकिंग और ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल किया जाता है. इन्हीं गैसों को दबाव में मिलाकर LPG (लिक्विडफाइड पेट्रोलियम गैस) बनाई जाती है, जो हमारे घरों में खाना बनाने के काम आती है. ब्यूटेन का इस्तेमाल रेफ्रिजरेशन में भी किया जाता है.

पेट्रोल, डीजल और केरोसिन 

इस प्रोसेस की अगली स्टेज में पेट्रोल, डीजल और केरोसिन जैसे फ्यूल निकाले जाते हैं. इनमें पेट्रोल सबसे ज्यादा प्योर होता है. हवाई जहाज में इस्तेमाल होने वाला फ्यूल भी केरोसिन से ही बनता है, जिसे कई चरणों में रिफाइन किया जाता है और उसमें खास केमिकल मिलाए जाते हैं, ताकि वह बहुत कम तापमान (-50 से -60 डिग्री सेल्सियस) में भी न जमे.

Advertisement

नैफ्था

पेट्रोल, डीजल और कैरोसिन की रिफाइनिंग के बाद बचने वाले प्रोडक्ट से नैफ्था तैयार किया जाता है. इसका इस्तेमाल पॉकेट लाइटर और कई इंडस्ट्रीज में किया जाता है. इंडस्ट्रियल लेवल पर नैफ्था का इस्तेमाल स्टीम क्रैकिंग प्रोसेस में किया जाता है और कुछ जगहों पर इसे कीड़ों से बचाव के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है.

नैपाम

रिफाइनिंग प्रोसेस के दौरान तैयार किया जाने वाला अगला प्रोडक्ट है नैपाम, जिसका इस्‍तेमाल विस्‍फोटक के तौर पर किया जाता है. अगर लंबी दूरी तक आग को पहुंचाना हो तो नैपाम काम में आता है. यह बहुत धीरे, लेकिन लंबे समय तक जलने वाला पदार्थ होता है. 

Advertisement

मोटर ऑयल और ग्रीस

क्रूड ऑयल से मोटर ऑयल भी बनाया जाता है, जो व्हीकल के इंजन में फ्रिक्शन कम करने में मदद करता है. इससे इंजन के पुर्जे लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं. इसके अलावा ग्रीस भी तैयार होती है, जिसका इस्तेमाल मशीनों और व्हीकल्स के कलपुर्जों में लुब्रिकेशन के लिए किया जाता है, जैसे बॉल बेयरिंग में.

पेट्रोलियम जेली 

आपको शायद पता न हो कि सर्दियों में इस्तेमाल की जाने वाली वैसलीन (पेट्रोलियम जेली) भी कच्चे तेल से ही बनती है. इसे ग्रीस को कई स्तर पर रिफाइन करने के बाद तैयार किया जाता है. इसका ज्यादातर कॉस्मेटिक्स में होता है. 

मोम 

क्रूड ऑयल रिफाइनिंग के अगले चरण में मोम तैयार किया जाता है. इसे पेट्रोलियम वैक्‍स भी कहा जाता है.  इसका इस्तेमाल मोमबत्ती और कई अन्य प्रोडक्ट्स को बनाने के लिए किया जाता है. 

कोलतार

क्रूड ऑयल से निकलने वाले बायप्रोडक्ट्स में डामर (कोलतार) भी शामिल है, जिसका इस्तेमाल ज्यादातर सड़के बनाने के लिए किया जाता है.

Advertisement

प्‍लास्टिक

रोजमर्रा के जीवन में इस्‍तेमाल होने वाला प्‍लास्टिक भी क्रूड ऑयल से बनता है. हालांकि, कुछ जगहों पर वनस्‍पति तेल से भी प्‍लास्टिक तैयार की जाती है. लेकिन इसकी कीमत थोड़ी ज्‍यादा होती है.

ये भी पढ़ें - राज्यसभा चुनाव के बागियों का क्या होता है? जानें कब लागू होता है दल बदल कानून

Advertisement
Featured Video Of The Day
ईरान के साथ युद्ध पर अमेरिका का बड़ा बयान, Trump ने क्या कह कर चौंकाया? | BREAKING NEWS