IAS mock Interview में पूछा गया सवाल - रामपुर का चाकू पूरे देश के चाकू से क्यों अलग है?

रामपुरी चाकू सिर्फ एक हथियार नहीं, बल्कि 125 साल पुरानी कारीगरी का जादू है, और सबसे मजेदार बात ये है कि इसे बनाने में मशीनों का नामो-निशान तक नहीं है.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
रामपुरी चाकू की सबसे बड़ी खासियत इसकी हस्तशिल्प कला है. 

Rampuri chaku ki kya hai kahsiyat : रामपुर का नाम आते ही अगर आपके दिमाग में चमकता हुआ चाकू आता है, तो इसमें हैरानी की कोई बात नहीं. रामपुरी चाकू सिर्फ एक हथियार नहीं, बल्कि 125 साल पुरानी कारीगरी का जादू है. और सबसे मजेदार बात ये है कि इसे बनाने में मशीनों का नामो-निशान तक नहीं है. हर स्टेप लोहे की कटाई, धार लगाना, हत्था तराशना—सिर्फ कारीगरों के हाथों की मेहनत का कमाल है.

दुनिया के किस देश में सूरज हरा दिखाई देता है, क्या है इसके पीछे का साइंस, जानिए यहां

मशीन नहीं, सिर्फ हाथों की कला

रामपुरी चाकू की सबसे बड़ी खासियत इसकी हस्तशिल्प कला है. मॉडर्न हथियार और ऑटोमैटिक गन्स के बीच भी ये चाकू अपनी अलग ही मिसाल कायम करता है. इसका डिजाइन देखने लायक है, पीतल के बट से लेकर नक्काशीदार ब्लेड, मछली के पैटर्न और लकड़ी या स्टील के हत्थे तक, हर चाकू अपनी अलग कहानी कहता है.

पहचान है इसके हत्थे में

इस चाकू की पहचान उसके हत्थे पर बनी मछली की मोहर से होती है, जिस पर साफ लिखा होता है 'रामपुर'. इसके हत्थे, ब्लेड, कमर, बोल्ट और लॉक के हिस्सों को जोड़ना आसान नहीं है. यही इसकी मजबूती का राज है.

फोल्डिंग का जादू

रामपुरी चाकू का फोल्डिंग मैकेनिज्म भी खास है. इसे खोलते ही “चट-चट” की आवाज आती है, जो इसे बाकी चाकुओं से अलग पहचान देती है. दिलचस्प बात ये है कि ये बटन से खुलता और बंद होता है, लेकिन इसमें स्प्रिंग का इस्तेमाल नहीं होता. ये हुनर सिर्फ रामपुर के कारीगरों के पास है.

साइज और परफेक्शन

इसका स्टैंडर्ड साइज 10 इंच होता है—5 इंच ब्लेड और 5 इंच हैंडल. कुल मिलाकर रामपुरी चाकू एक हथियार जरूर है, लेकिन अपनी अनोखी कारीगरी और डिजाइन की वजह से ये सिर्फ हथियार नहीं, बल्कि एक पहचान बन चुका है.

Advertisement
Featured Video Of The Day
India GDP Growth: Trump के मुंह पर भारत का तमाचा, 7.8% की GDP ग्रोथ से अर्थव्यवस्था में तूफान
Topics mentioned in this article