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UPTET 2026: कैसा रहा तीन दिन का पेपर, कठिन था या सरल और कितने कैंडिडेट ने दी परीक्षा, जानिए यहां

अभ्यर्थियों के फीडबैक के अनुसार पेपर का स्तर आसान से मध्यम रहा, जहां बाल विकास व हिंदी के अनुभाग सरल थे, वहीं गणित और पर्यावरण अध्ययन के कॉन्सेप्ट आधारित प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को काफी उलझाया.

UPTET 2026: कैसा रहा तीन दिन का पेपर, कठिन था या सरल और कितने कैंडिडेट ने दी परीक्षा, जानिए यहां
परीक्षा समाप्त होने के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर आंसर-की और परिणाम पर है.

UPTET 2026 : उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET)-2026 तीन दिनों तक चले परीक्षा कार्यक्रम के बाद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई. प्रदेशभर में लाखों अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी. इस बार परीक्षा में सुरक्षा व्यवस्था, AI आधारित निगरानी और बायोमेट्रिक सत्यापन की वजह से नकल और फर्जीवाड़े पर प्रभावी अंकुश देखने को मिला. परीक्षा के दौरान AI सिस्टम की मदद से 44 फर्जी परीक्षार्थियों को भी पकड़ा गया.

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार के अनुसार, इस बार कुल 88.77 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि करीब 11.23 प्रतिशत अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे. परीक्षा सभी केंद्रों पर निर्धारित समय पर शांतिपूर्वक संपन्न हुई.

कैसा रहा तीन दिन का पेपर?

अभ्यर्थियों के फीडबैक के अनुसार UPTET-2026 का प्रश्नपत्र आसान से मध्यम (Easy to Moderate) स्तर का रहा. अधिकांश प्रश्न NCERT आधारित और शिक्षक पात्रता परीक्षा के निर्धारित सिलेबस से पूछे गए. हालांकि कुछ विषयों में प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को उलझाया.

किस विषय ने सबसे ज्यादा फंसाया?

गणित और पर्यावरण अध्ययन (EVS) के कुछ प्रश्न अपेक्षा से अधिक विश्लेषणात्मक रहे. कई अभ्यर्थियों का कहना था कि गणित में केवल सूत्र याद होना पर्याप्त नहीं था, बल्कि अवधारणाओं (Concepts) की समझ भी जरूरी थी.

उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में गणित एवं विज्ञान तथा सामाजिक अध्ययन के सेक्शन में भी कुछ प्रश्नों का स्तर पिछले वर्षों की तुलना में थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहा.

कौन सा सेक्शन रहा सबसे आसान?

अधिकांश परीक्षार्थियों ने बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (CDP) और हिंदी भाषा के प्रश्नों को अपेक्षाकृत आसान बताया. भाषा अनुभाग में अधिकांश प्रश्न सीधे सिलेबस से थे, जिससे अभ्यर्थियों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई.

रीजनिंग नहीं, कॉन्सेप्ट पर रहा फोकस

इस बार प्रश्नपत्र में रटने की बजाय कॉन्सेप्ट आधारित प्रश्नों पर अधिक जोर देखने को मिला. शिक्षण विधियों, कक्षा शिक्षण, सीखने की प्रक्रिया और बाल मनोविज्ञान से जुड़े व्यावहारिक प्रश्नों की संख्या भी अच्छी रही.

AI निगरानी से नकल पर कड़ा शिकंजा

परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर AI आधारित फेस रिकग्निशन, बायोमेट्रिक सत्यापन, CCTV निगरानी और फ्लाइंग स्क्वॉड की व्यवस्था की गई थी. इसी निगरानी प्रणाली के जरिए 44 फर्जी परीक्षार्थियों की पहचान कर उन्हें मौके पर पकड़ा गया.

अब परिणाम का इंतजार

परीक्षा समाप्त होने के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर आंसर-की और परिणाम पर है. आयोग जल्द ही प्रोविजनल आंसर-की जारी कर आपत्तियां आमंत्रित करेगा. इसके बाद अंतिम उत्तर कुंजी के आधार पर परिणाम घोषित किया जाएगा.

UPTET-2026 का आयोजन इस बार बेहतर सुरक्षा, पारदर्शी व्यवस्था और तकनीकी निगरानी के कारण चर्चा में रहा. परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद अब लाखों अभ्यर्थियों को अपने परिणाम का इंतजार है.

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