अजमेर के सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर रविवार को वरिष्ठ अध्यापक (सेकंड ग्रेड) भर्ती परीक्षा के दौरान एक भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला. परीक्षा केंद्र का गेट निर्धारित समय सुबह 9 बजे बंद कर दिया गया. इसके कुछ ही मिनट बाद जेतारण निवासी प्रियंका सिरवी केंद्र पर पहुंची, लेकिन गाइडलाइन के अनुसार समय सीमा पार होने के कारण उसे प्रवेश नहीं मिल सका. प्रियंका की आंखों में आंसू आ गए और वह फूट-फूट कर रोने लगी. उसने बताया कि यह उसका पहला प्रयास था और उसने पूरे एक वर्ष तक मेहनत करके परीक्षा की तैयारी की थी. प्रियंका के पिता पुलिस विभाग में कार्यरत हैं.
सपनों को तोड़ दिया
परिवार की ओर से ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से विशेष निवेदन भी किया गया. लेकिन उन्होंने नियमों और आयोग की गाइडलाइन का हवाला देते हुए प्रवेश देने से इनकार कर दिया. प्रियंका ने कहा कि कुछ मिनट की देरी ने उसके सपनों को तोड़ दिया और अब उसे अगले अवसर का इंतजार करना पड़ेगा. उसके साथ एक अन्य महिला अभ्यर्थी भी समय के बाद पहुंची, जिसे भी प्रवेश नहीं दिया गया.
परीक्षा केंद्र पर ड्रेस कोड की भी हुई सख्त जांच
परीक्षा केंद्र पर प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कई अलग-अलग नजारे भी देखने को मिले. एक पुरुष अभ्यर्थी हाफ पैंट पहनकर परीक्षा देने पहुंच गया, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए. वहीं एक महिला अभ्यर्थी नाक में लौंग पहनकर आई थी. वही 1 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंची अभ्यर्थी दौड़ लगाती हुई केंद्र में पहुंचती नजर आई. प्रवेश से पहले सुरक्षा जांच के दौरान उसे लौंग निकलवाने में काफी परेशानी हुई. केंद्र पर तैनात कर्मचारियों ने आयोग के निर्देशों के अनुसार आभूषण और प्रतिबंधित सामग्री की सख्ती से जांच की.
कई अभ्यर्थियों को बेल्ट, घड़ी, धातु के आभूषण और अन्य सामान बाहर जमा करवाना पड़ा. प्रशासन की ओर से परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए कड़े इंतजाम किए गए थे. हालांकि प्रियंका जैसी अभ्यर्थी की भावुक स्थिति ने वहां मौजूद लोगों को भी कुछ देर के लिए उदास कर दिया. कई अभ्यर्थियों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में समय पालन बेहद जरूरी है, लेकिन कुछ मिनट की देरी के कारण किसी का एक साल का परिश्रम व्यर्थ होते देखना भी बेहद पीड़ादायक है.
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