राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा-2024 में जैसलमेर के वीरेंद्र चारण ने पूरे राज्य में दूसरा स्थान हासिल कर एक नई मिसाल कायम की है. खास बात यह है कि वीरेंद्र ने बिना किसी कोचिंग के, सिर्फ सेल्फ स्टडी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के चैट जीपीटी जैसे टूल्स की मदद से यह मुकाम हासिल किया है. NDTV से फोन पर बातचीत में वीरेंद्र चारण ने बताया कि यह उनका दूसरा प्रयास था. इससे पहले वे RAS-2023 में चयनित होकर तहसीलदार बने थे. इस बार उन्होंने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया और पारंपरिक तरीकों के साथ AI, खासकर ChatGPT का व्यापक उपयोग किया. वीरेन्द्र का कहना है कि ऐसे कई टॉपिक्स होते हैं जो किताबों या नोट्स में बहुत कम मिलते हैं या बिल्कुल नहीं मिलते है. AI के जरिए उन विषयों पर डिटेल और स्ट्रक्चर्ड जानकारी मिल जाती है.उन्होंने बताया कि पॉलिटिक्स के डायनेमिक टॉपिक्स पर उदाहरण और पॉइंट्स तैयार करने में भी AI काफी मददगार साबित हुआ.
ChatGPT जैसे टूल से मदद मिली
उन्होंने कहा कि पहले वे गूगल सर्च के जरिए पढ़ाई करते थे, लेकिन इस बार ChatGPT जैसे टूल ने पढ़ाई को ज्यादा आसान और पर्सनलाइज्ड बना दिया. जैसी कमांड देते हैं, वैसी ही जानकारी मिलती है, जिससे समय की बचत होती है और समझ भी बेहतर बनती है.हालांकि AI से मिली जानकारी को फिल्टर करना बेहद जरूरी है.
कुल 35 मिनट चला इंटरव्यू
इंटरव्यू अनुभव साझा करते हुए वीरेंद्र ने बताया कि करीब 35 मिनट चले इंटरव्यू में राजस्थान के इतिहास, भूगोल, पॉलिटिक्स के साथ-साथ ‘जुडिशल ओवररीच' और ‘एक्टिविज्म' जैसे विषयों पर सवाल पूछे गए. एक सिचुएशनल सवाल में उनसे पूछा गया कि अगर उन्हें बूंदी का SDM बनाया जाए तो वे पर्यटन कैसे बढ़ाएंगे. इस पर वीरेंद्र ने नाइट टूरिज्म, वाइल्डलाइफ टूरिज्म और हेरिटेज आधारित इनोवेटिव मॉडल को बढ़ावा देने की बात कही.
इंटरव्यू के अंत में उनसे स्वामी विवेकानंद की तस्वीर पर भी सवाल किया गया, जिसमें उन्होंने उनके जीवन, विचारों और योगदान पर विस्तार से जवाब दिया.
रिपोर्ट- Shrikant Vyas
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