
केंद्र सरकार ने ग्रुप ‘बी'और ग्रुप ‘सी' पदों के लिए होने वाली सभी भर्तियों को एकल परीक्षा यानी सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) के जरिए एक विशिष्ट एजेंसी से कराने का प्रस्ताव दिया है. बता दें कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ग्रुप ‘ए' और ग्रुप ‘बी' (राजपत्रित) की अन्य सेवाओं के अलावा भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) के अधिकारियों के चयन के लिए हर साल सिविल सेवा परीक्षा कराता है. इसके अलावा कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) केंद्र सरकार के विभागों के लिए भी भर्तियां करता है- मुख्य तौर पर ग्रुप ‘बी' पदों पर कर्मचारियों का चयन करने के लिए भर्ती की जाती है.
कार्मिक मंत्रालय का कहना है, “ग्रुप ‘बी' गैर-राजपत्रित पदों, सरकार में ग्रुप ‘सी' के कुछ पद और सहायक सरकारी संगठनों में इन्हीं पदों पर नियुक्ति हेतु उम्मीदवारों के चयन के लिए सामान्य पात्रता परीक्षा कराने के लिए एक विशिष्ट एजेंसी गठित करने का प्रस्ताव दिया गया है.” कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रस्तावित कदम किसी भी पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों को समान अवसर उपलब्ध कराएगा. इसके अलावा परीक्षा कराने वाली सरकारी एजेंसियों और परीक्षा में शामिल होने वालों के लिए यह किफायती होगा.
सिंह ने कहा, “शासन में सुगमता और जीवन सुगमता के लिए यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार द्वारा उठाए गए कई कदमों से एक है.” कार्मिक मंत्रालय ने दूसरे मंत्रालयों/ भारत सरकार के विभागों, राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन और लोगों/ साझेदारों, “खासकर सरकारी/ सार्वजनिक क्षेत्र की नौकरियों के लिए आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवारों” से जवाब मांगा है. बता दें कि हाल ही में आई सरकारी जानकारी के मुताबिक एक मार्च, 2018 तक केंद्र सरकार के विभागों में कुल 6,83,823 रिक्त पदों में से, 5,74,289 पद ग्रुप सी, 89,638 ग्रुप ‘बी' और 19,896 पद ग्रुप ‘ए' के हैं.