Andrew Ng on AI Layoffs : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते दौर में जहां दुनिया भर के प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट्स के मन में अपनी नौकरी खोने का डर सता रहा है, वहीं दुनिया के सबसे जाने-माने एआई एक्सपर्ट्स में शामिल और 'डीप लर्निंग एआई' (DeepLearning.AI) के फाउंडर एंड्रयू एनजी (Andrew Ng) ने बड़ी बात कही है. एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में एनडीटीवी के एआई और टेक एडिटर आयुष ऐलावादी से बात करते हुए उन्होंने साफ कहा कि एआई के कारण बड़े पैमाने पर नौकरियों जाने की आशंका केवल एक भ्रम है.
कंपनियां पब्लिसिटी के लिए फैला रही हैं एआई का डर
सबमिट के दौरान एंड्रयू एनजी ने कहा कि सिचुएशन उतनी डरावनी बिल्कुल नहीं है जितना आपको बताया जा रहा है. उन्होंने एआई से नौकरी जाने के खतरे पर स्पष्ट किया कि कई कंपनियां खुद को पावरफुल दिखाने और पब्लिसिटी हासिल करने के लिए एआई से नौकरियां जाने का डर फैला रही हैं.
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जबकि असल में डेटा यह दिखाता है कि एआई जितनी नौकरियां खत्म कर रहा है, उससे कहीं ज्यादा नए अवसर पैदा कर रहा है. उन्होंने कहा, "सच कहूं तो एआई अभी इतना कैपेबल ही नहीं हुआ है कि वह ज्यादातर नौकरियों को पूरी तरह खत्म कर सके. अगर आप लगातार नई स्किल्स सीखते रहेंगे, तो आपकी नौकरी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी."
सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की नौकरियों में इजाफा
उन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का उदाहरण देते हुए समझाया कि कोडिंग में एआई सबसे आगे है, लेकिन अमेरिका में सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स के जॉब पोस्टिंग्स में करीब 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वजह यह है कि जब एआई की मदद से इंजीनियर्स ज्यादा प्रोडक्टिव होते हैं, तो कंपनियां और अधिक लोगों को हायर करना चाहती हैं. इंडीड (Indeed) के डेटा के अनुसार, अनुभवी और एआई स्किल्स वाले डेवलपर्स की मांग सबसे तेज है.
2028 के लिए खुद को तैयार करें
एंड्रयू एनजी के मुताबिक, असली चुनौती लोगों को एआई-बेस्ड इकोनॉमी के लिए तैयार करना है. हमें केवल 2024 या 2026 के लिए नहीं, बल्कि 2028 और उसके बाद के समय के लिए नई स्किल्स सीखनी होंगी.
विश्व आर्थिक मंच (WEF) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया कि 2030 तक तकनीकी बदलावों से 17 करोड़ नए रोजगार पैदा होंगे, जबकि 9.2 करोड़ पद प्रभावित होंगे. यानी दुनिया भर में 7.8 करोड़ नौकरियों का शुद्ध लाभ होगा. इसलिए मशीनों से डरने के बजाय इंसानियत के हुनर, जैसे- क्रिटिकल थिंकिंग, सहयोग और नई तकनीकों के साथ तालमेल बिठाने पर ध्यान देना ही असली सुरक्षा कवच है.
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