BPSC Interview New Pattern 2026: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने अपने इंटरव्यू प्रोसेस में एक ऐसा बड़ा बदलाव किया है, जिससे अब 'रट्टा मार' पढ़ाई काम नहीं आएगी. अब इंटरव्यू बोर्ड में सिर्फ प्रोफेसर्स नहीं, बल्कि IAS और IPS अधिकारी आपका टेस्ट लेंगे. इस बदलाव का सीधा मतलब है कि अब BPSC का लेवल भी दिल्ली वाले UPSC जैसा होने वाला है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि इस नए सिस्टम से क्या-क्या बदलेगा, अब पैटर्न क्या होगा, कैसे सवाल पूछे जाएंगे और आपको कैसी तैयारी करनी होगी.
1. BPSC इंटरव्यू पैनल में पहले कौन होता था और अब कौन होगा?पहले इंटरव्यू पैनल में ज्यादातर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर्स, रिटायर हो चुके अधिकारी और सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स होते थे, लेकिन अब नियम बदल गया है. अब पैनल में सेवारत (Serving) IAS और IPS अधिकारियों का बैठना अनिवार्य कर दिया गया है.
2. पैनल में IAS-IPS को क्यों शामिल किया गया?इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं. पहला प्रोफेसर्स किताबी ज्ञान देखते हैं, लेकिन एक IAS-IPS अधिकारी यह देखता है कि क्या आप तनाव में सही फैसला ले सकते हैं. क्या आपमें भीड़ को संभालने या दंगा रोकने की काबिलियत है यानी अब बात प्रैक्टिकल नॉलेज की होगी. दूसरी बड़े अधिकारियों के आने से इंटरव्यू में किसी भी तरह की पैरवी या पक्षपात की गुंजाइश खत्म हो जाएगी. अब सिर्फ टैलेंट और मेरिट ही सिलेक्शन का आधार होगा.
3. इंटरव्यू के दौरान IAS-IPS अधिकारी किन बारीकियों पर नजर रखेंगे?वे कैंडिडेट्स की नैतिकता (Ethical Values), फैसले लेने की स्पीड और डिजिटल अवेयरनेस को नोटिस करेंगे. वे यह देखना चाहते हैं कि क्या आप आज के दौर की प्रशासनिक चुनौतियों के लिए तैयार हैं या नहीं.
4. डिजिटल अवेयरनेस से जुड़े किस तरह के सवाल पूछे जा सकते हैं?प्रशासन अब डिजिटल हो रहा है, इसलिए आपसे AI (Artificial Intelligence), साइबर सिक्योरिटी या सरकारी ऐप्स जैसे- ई-कल्याण या आरटीपीएस के जमीन पर क्रियान्वयन को लेकर सवाल पूछे जा सकते हैं.
5. अब इंटरव्यू में किस तरह के सवाल पूछे जाएंगे?अब आपसे सिर्फ इतिहास की तारीखें या भूगोल के आंकड़े नहीं पूछे जाएंगे. अब केस स्टडी वाले सवालों पर जोर रहेगा. जैसे मान लीजिए आप SDM हैं और आपके इलाके में दो गुटों में झगड़ा हो गया, तो आप सबसे पहले क्या करेंगे. अब आपके रटे हुए जवाब नहीं, बल्कि आपके फैसला लेने की क्षमता (Decision Making) चेक की जाएगी.
6. मतलब अब किताबी ज्ञान के दम पर इंटरव्यू निकालना आसान होगा?
नहीं, अब बोर्ड का ध्यान आपकी 'बुकशॉइश नॉलेज' से हटकर आपकी पर्सनैलिटी, बॉडी लैंग्वेज और स्ट्रेस मैनेजमेंट पर होगा. अधिकारी यह देखेंगे कि आप प्रेशर में कैसे रिएक्ट करते हैं.
7. क्या पैनल में अधिकारियों के आने से इंटरव्यू की भाषा (Medium) पर कोई फर्क पड़ेगा?
नहीं, मीडियम को लेकर कोई बदलाव नहीं है. चूंकि अब पैनल में फील्ड ऑफिसर्स हैं, इसलिए वे आपसे उम्मीद करेंगे कि आप अपनी बात साफ और सीधे शब्दों (To the point) में कहें. वे भारी-भरकम किताबी शब्दों के बजाय सिंपल और इफेक्टिव बोलचाल को प्रोयरिटी देंगे.
8. क्या BPSC अब पूरी तरह UPSC के लेवल का हो गया है?
हां, काफी हद तक ऐसा माना जा सकता है. BPSC ने अपना एग्जाम कैलेंडर और इंटरव्यू का स्तर बिल्कुल UPSC जैसा बना लिया है. इसका फायदा यह है कि बिहार के छात्र अब राज्य और केंद्र दोनों की सिविल सेवा परीक्षाओं के लिए एक साथ तैयार हो सकेंगे.
9. नया नियम कब से लागू हो रहा है?
यह बदलाव लागू हो चुका है. 70वीं मुख्य परीक्षा (CCE) के जो इंटरव्यू जनवरी से चल रहे हैं. उनमें IAS और IPS अधिकारी पैनल का हिस्सा बन रहे हैं. आगे होने वाली 71वीं और 72वीं परीक्षा में भी यही पैटर्न रहेगा.
10. पिछले 3 सालों में BPSC में और क्या-क्या बड़े सुधार हुए हैं?
2023 से 2026 के बीच BPSC ने खुद को पूरी तरह बदल लिया है. नेगेटिव मार्किंग को लाया गया. इसके बाद प्रीलिम्स में तुक्का मारना भारी पड़ता है. 300 नंबर का निबंध (Essay) जोड़ा गया है, ताकि आपकी सोच और लिखने की कला देखी जा सके.अब ऑप्शनल सब्जेक्ट के मार्क्स फाइनल लिस्ट में नहीं जुड़ते, यह सिर्फ पास करने (Qualifying) के लिए है.
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