झारखंड के धनबाद में शुभम यादव हत्याकांड ने सियासी भूचाल ला दिया है. बताया जा रहा है कि हत्या से पहले डीजीपी को एक पत्र भेजा गया था, जिसमें फरार गैंगस्टर प्रिंस खान और ढुल्लू महतो के कथित संबंधों की जांच की मांग की गई थी. इस लेटर के वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है. मामले में मेयर संजीव सिंह ने सांसद ढुल्लू महतो को आड़े हाथ लिया. इसके बाद सांसद ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी और सीबीआई जांच की भी मांग की.
घर में घुसकर हत्याकांड को दिया था अंजाम
धनबाद के सोनारडीह ओपी क्षेत्र में घर के भीतर इस हत्या को अंजाम दिया गया था. जब शुभम यादव दादा-दादी के साथ मौजूद था, तभी अपराधियों ने घर में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. तीन गोलियां लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शुभम, संजीव सिंह के करीबी माने जाते थे और जनता श्रमिक संघ से जुड़े हुए थे.
विदेश से चल रहा है पूरा नेटवर्क
मामले में नया मोड़ तब आया, जब कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार सूफी उर्फ मेजर ने बड़ा खुलासा किया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसने कबूल किया कि शुभम की हत्या प्रिंस खान के इशारे पर करवाई गई थी. साथ ही बताया कि कोयलांचल में रंगदारी और शूटरों का पूरा नेटवर्क सक्रिय था. इस सिंडिकेट का संचालन विदेश से किया जा रहा था.
मेयर के सवाल पर सांसद का पलटवार
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीति भी गरमा गई है. मेयर संजीव सिंह ने वायरल पत्र का हवाला देते हुए बाघमारा क्षेत्र में 'आतंक राज' का आरोप लगाया और निष्पक्ष जांच की मांग की है. वहीं, सांसद ढुल्लू महतो ने पलटवार करते हुए कहा कि कोयलांचल में रंगदारी और गुंडागर्दी की जड़ें किसने जमाईं, यह सबको पता है. उन्होंने भी मामले की CBI जांच की मांग उठाई. सियासी आरोप-प्रत्यारोप के बीच पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं. इस हत्याकांड ने फिर से गैंगवार और अपराध की आशंकाओं को बढ़ा दिया है. इलाके में फिलहाल भय और आक्रोश का माहौल है. आम जनता की नजरें अब जांच एजेंसी पर टिकी हैं.
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